तुर्किये, सीरिया, इराक और जॉर्डन मिलकर सीरिया में इस्लामिक स्टेट (आईएस) समूह के खिलाफ एक साथ आएंगे। यह कदम अमेरिका को सीरिया में कुर्द लड़ाकों के साथ अपने संबंध तोड़ने का अवसर देगा। तुर्किये के विदेश मंत्री हकान फिदान ने रविवार को यह बात कही।
तुर्किये कुर्द बलों के साथ अमेरिका के संबंधों का विरोध करता है, क्योंकि तुर्किये का मानता है कि कुर्दों का समूह पीपुल्स डिफेंस यूनिट (वाईपीजी) एक आतंकवादी संगठन है। इस संगठन को कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी भी कहा जाता है। यह समूह सीरिया में अमेरिकी बलों के साथ मिलकर आईएसआईएस से लड़ने में मुख्य भूमिका निभा रहा है।
फिदान ने कहा, हमने बातचीत शुरू की है और तुर्किये, इराक, सीरिया और जॉर्डन को एकजुट होकर आईएसआईएस से लड़ने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि अब सीरिया की नई सरकार आईएसआईएस के आतंकवादियों को निपटाने की जिम्मेदारी लेगी।
उन्होंने कहा, मुख्य समस्या यह है कि वाईपीजी केवल आईएसआईएस के कैदियों की सुरक्षा कर रहा है और उन्हें जेल में रखे हुए है। इसके अलावा वे कुछ नहीं कर रहे हैं। इसलिए तुर्किये, इराक, सीरिया और जॉर्डन को मिलकर आईएसआईएस से लड़ना चाहिए। हम इस काम को करने में सक्षम हैं और अगर अल्लाह ने चाहा तो हम चारों देश जल्द ही इस कदम को उठाएंगे। हमने इस प्रक्रिया के लिए बातचीत शुरू कर ली है।
उन्होंने कहा कि नई सीरिया सरकार ने संकेत दिया है कि वह आईएसआईएस के कैदियों की जिम्मेदारी लेगी। तुर्किये चाहता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कुर्द लड़ाकों का समर्थन वापस लें, जिन्हें अंकारा आतंकवादी मानता है, क्योंकि इनका संबंध कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी से है, जो 1984 से तुर्किये के खिलाफ जंग छेड़े हुए है।
फिदान ने कहा, हमें उम्मीद है कि राष्ट्रपति ट्रंप सही फैसला लेंगे और इस गलती को ठीक करेंगे। यह एक खुला घाव है जिसे जल्द से जल्द बंद करना जरूरी है। नवंबर में जब सीरियाई विद्रोहियों ने देश की सत्ता पर कब्जा करने के लिए हमले शुरू किए, तब तुर्किये समर्थित लड़ाकों ने कुर्द बलों को निशाना बनाया और कई शहरों पर कब्जा किया। इस बीच, तुर्किये की सेना ने सीरिया और उत्तरी इराक में कुर्द लड़ाकों पर दबाव बनाए रखा।
इस बीच, तुर्किये के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उनके सैनिकों ने उत्तरी सीरिया में 23 वाईपीजी 'आतंकवादियों' को मार गिराया। हालांकि, मंत्रालय ने इस बारे में अधिक जानकारी नहीं दी।