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Turkey-Syria: 'जाको राखे सईंया मार सके ना कोय'... वो मासूम जिंदगियां, जिन्होंने मौत को दे दी मात, देखें वीडियो

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Thu, 09 Feb 2023 10:36 AM IST

सार

हम आपको 10 वीडियोज दिखाएंगे। ये वीडियोज दिल को सकूं देने वाले हैं। बेइंतहा दर्द में दिल को ढांढस बढ़ाने वाले हैं। इसके जरिए उन मासूम बच्चों की कहानी भी बताएंगे जिन्होंने मौत को मात देकर जिंदगी की जीत हासिल की...  
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वो मासूम बच्चे, जिन्होंने मौत को दे दी मात - फोटो : सोशल मीडिया
तुर्किये और सीरिया... ये दो मुल्क आज दुनियाभर में किसी भी अन्य देश के मुकाबले ज्यादा दर्द में हैं। सोमवार छह फरवरी की सुबह यहां भूकंप ने ऐसी तबाही मचाई थी कि पूरी दुनिया की रूह कांप गई। चंद मिनटों में दोनों देशों में बड़ी सी बड़ी इमारतें, सड़कें, पुल ताश के पत्तों की तरह बिखर गईं। 

भूकंप आए हुए आज चार दिन हो गए, लेकिन दोनों देशों के हालात में कुछ खास फर्क नहीं आया। बदले हैं तो चीख-पुकार की वो आवाजें, जो भूकंप वाले दिन दोनों देशों में गूंज रहे थे। मानों वक्त के साथ-साथ अब वो थमने लगे हों। अब तक मलबों के ढेर से 15 हजार से ज्यादा लाशें निकाली जा चुकी हैं। 


80 हजार से ज्यादा घायलों को निकाला गया है, लेकिन अभी बड़ी संख्या ऐसे लोगों की भी है, जो मलबों के ढेर में फंसे हैं। इनमें कुछ जिंदा हैं, तो बहुतों की मौत से संघर्ष करते हुए सांसें टूट गईं होंगी। अब मलबे के ढेर से निकलेगा तो बस उनका शव। लेकिन... इस बेइंतहा दर्द के बीच कुछ ऐसी तस्वीरें, वीडियो भी सामने आए जो उम्मीद की किरण हैं। ये इशारा कर रहीं हैं कि मलबे में मौत से जंग लड़कर भी जीता जा सकता है। 



हम आपको 10 वीडियोज दिखाएंगे। ये वीडियोज दिल को सकूं देने वाले हैं। बेइंतहा दर्द में दिल को ढांढस बढ़ाने वाले हैं। इसके जरिए उन मासूम बच्चों की कहानी भी बताएंगे जिन्होंने मौत को मात देकर जिंदगी की जीत हासिल की...  
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वो मासूम बच्चे, जिन्होंने मौत को दे दी मात - फोटो : सोशल मीडिया
तुर्किये और सीरिया... ये दो मुल्क आज दुनियाभर में किसी भी अन्य देश के मुकाबले ज्यादा दर्द में हैं। सोमवार छह फरवरी की सुबह यहां भूकंप ने ऐसी तबाही मचाई थी कि पूरी दुनिया की रूह कांप गई। चंद मिनटों में दोनों देशों में बड़ी सी बड़ी इमारतें, सड़कें, पुल ताश के पत्तों की तरह बिखर गईं। 

भूकंप आए हुए आज चार दिन हो गए, लेकिन दोनों देशों के हालात में कुछ खास फर्क नहीं आया। बदले हैं तो चीख-पुकार की वो आवाजें, जो भूकंप वाले दिन दोनों देशों में गूंज रहे थे। मानों वक्त के साथ-साथ अब वो थमने लगे हों। अब तक मलबों के ढेर से 15 हजार से ज्यादा लाशें निकाली जा चुकी हैं। 

80 हजार से ज्यादा घायलों को निकाला गया है, लेकिन अभी बड़ी संख्या ऐसे लोगों की भी है, जो मलबों के ढेर में फंसे हैं। इनमें कुछ जिंदा हैं, तो बहुतों की मौत से संघर्ष करते हुए सांसें टूट गईं होंगी। अब मलबे के ढेर से निकलेगा तो बस उनका शव। लेकिन... इस बेइंतहा दर्द के बीच कुछ ऐसी तस्वीरें, वीडियो भी सामने आए जो उम्मीद की किरण हैं। ये इशारा कर रहीं हैं कि मलबे में मौत से जंग लड़कर भी जीता जा सकता है। 



हम आपको 10 वीडियोज दिखाएंगे। ये वीडियोज दिल को सकूं देने वाले हैं। बेइंतहा दर्द में दिल को ढांढस बढ़ाने वाले हैं। इसके जरिए उन मासूम बच्चों की कहानी भी बताएंगे जिन्होंने मौत को मात देकर जिंदगी की जीत हासिल की...  

जब मौत को मात देकर खिलखिलाते हुए जिंदा निकला मासूम
 

जब 70 घंटों तक मौत से जंग लड़कर जिंदा निकला मासूम
   

जब मां और मासूम बच्चे को जिंदा बाहर निकाला गया
   

भाई के साथ मलबे में फंसी बच्ची ने कहा- बचा लो, जिंदगी भर गुलामी करुंगी
 

मलबे के नीचे पैदा हुई बच्ची, जिंदा निकाली गई
ये खबर सीरिया से आई है। यहां मलबे के नीचे फंसी एक गर्भवती महिला ने नवजात को जन्म दिया। न्यूयॉर्क टाइम्स को 34 वर्षीय खलील अल शमी ने बताया कि सोमवार को सीरिया के जिंदेरेस शहर में भूकंप के चलते उनके भाई का घर भी तबाह हो गया। पूरी इमारत मलबे के ढेर में तब्दील हो गई थी। वह अपने भाई और अन्य परिजनों को तलाशने के लिए मलबे की खुदाई कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अपनी भाभी के गर्भनाल से एक नजवात बच्ची को जुड़े हुए देखा। तुरंत उन्होंने गर्भनाल काट दिया। बच्ची रोने लगी। उसे बाहर निकाला। मलबा को पूरी तरह से हटाया तो पता चला कि बच्ची की मां मर चुकी है। बच्ची अभी अस्पताल में है और सुरक्षित है। खलील के अनुसार, उनकी भारी गर्भवती थीं और एक-दो दिन बाद वह बच्चे को जन्म देने वाली थीं, लेकिन भूकंप आने के बाद सदमे के चलते उन्होंने मलबे के अंदर ही बच्ची को जन्म दे दिया। करीब 30 घंटे बाद बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला गया।  
 

इस्राइल की टीम ने सीरिया के अलगाववादी इलाकों से बच्चों को सुरक्षित निकाला
 

जब एक-एक करके कई मासूम बच्चों को बाहर निकाला गया
 

चार मंजिला इमारत ढहने के बाद भी नवजात को नहीं आई एक भी खंरोच
 
 

बेटे को बचाने के लिए पिता ने दे दी जान
 

मलबे में फंसे बच्चे को पानी पिलाया
 
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