फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Turkey : तुर्की में कोयला खदान विस्फोट में 40 की मौत और 17 घायल, अब भी कई फंसे, राष्ट्रपति ने रद्द की यात्रा

Sat, 15 Oct 2022 05:20 PM IST
योगेश साहू पीटीआई, अंकारा।

सार

Turkey Coal Mine Blast : तुर्की की आपदा प्रबंधन एजेंसी एएफएडी ने कहा कि पड़ोसी प्रांतों सहित क्षेत्र से बुलाए गए बचाव दलों को मौके पर भेजा गया है। मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि राष्ट्रपति रजब तैयप अर्दोआन ने दक्षिण-पूर्व तुर्की की अपनी पहले से निर्धारित यात्रा को रद्द कर दिया है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Turkey Coal Mine Blast : तुर्की में शुक्रवार को एक कोयला खदान के अंदर हुए विस्फोट के कारण 40 लोगों की मौत हो गई। इस धमाके में कम से कम 17 लोग घायल भी हुए हैं। इनमें से आठ गंभीर रूप से जख्मी हैं। वहीं देश के गृह मंत्री सुलेमान सोयलू ने जानकारी दी है कि कई लोग अभी भी खदान में फंसे हुए हैं, उन्हें बाहर निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।

विज्ञापन


यह विस्फोट काला सागर के तटीय प्रांत बार्टिन के अमासरा शहर में सरकारी स्वामित्व वाली टीटीके अमासरा मुसेसे मुदुर्लुगु खदान में हुआ। ऊर्जा मंत्री फातिह डोनमेज ने कहा कि विस्फोट संभवतः कोयला खदानों में पाई जाने वाली ज्वलनशील गैसों के कारण हुआ होगा।
 


बचाव अभियान के दौरान समन्वय के लिए अमासरा पहुंचे गृह मंत्री सोयलू ने संवाददाताओं से कहा कि विस्फोट के समय खदान के अंदर करीब 110 लोग मौजूद थे। मंत्री ने कहा कि विस्फोट के बाद ज्यादातर मजदूर खदान से बाहर आने में सफल रहे। परंतु इसके बावजूद करीब 50 लोग खदान के उच्च जोखिम वाले क्षेत्र में ही फंसे रह गए। 
विज्ञापन


तुर्की की आपदा प्रबंधन एजेंसी एएफएडी (AFAD) ने कहा कि पड़ोसी प्रांतों सहित क्षेत्र से बुलाए गए बचाव दलों को मौके पर भेजा गया है। मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने दक्षिण-पूर्व तुर्की की अपनी पहले से निर्धारित यात्रा को रद्द कर दिया है। वह अब अमासरा जाएंगे।

निजी डीएचए समाचार एजेंसी ने गवर्नर अर्सलान को घटना के बारे में जानकारी दे रहे एक मजदूर के हवाले से बताया कि वह अपने बलबूते पर कैसे खदान से बाहर आया। उसने बताया कि वह कितना 'दबाव' महसूस कर रहा था, इसके अलावा धूल और मलबे के कारण कुछ भी ठीक ढंग से दिखाई नहीं दे रहा था।

डीएचए ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि खदान में फंसे हुए दोस्तों या सहकर्मियों और परिजनों के कुशल होने की खबर के लिए कई लोग मौके पर पहुंचे हुए हैं। बता दें कि इससे पहले तुर्की के सोमा शहर की खदान में सबसे बड़ा हादसा हुआ था, इसमें आग लगने की वजह से करीब 301 लोगों की मौत हो गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें