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US: खुफिया प्रमुख चुनी गईं तुलसी गबार्ड ने सीनेटरों से की मुलाकात; सीरिया पर डोनाल्ड ट्रंप के रुख को बताया सही

Tue, 10 Dec 2024 09:59 AM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

अगर अमेरिकी सीनेट से गबार्ड के नाम पर मोहर लग जाती है तो वह सीआईए और एफबीआई समेत अमेरिका की सभी खुफिया एजेंसियों के प्रभारी शक्तिशाली निकाय का नेतृत्व करने वाली पहली हिंदू अमेरिकी होंगी।
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तुलसी गबार्ड - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में हवाई की पूर्व सांसद तुलसी गबार्ड को खुफिया प्रमुख के रूप में चुना है। उसके बाद से, वाशिंगटन में चर्चाओं और विवादों का माहौल गर्म है। गबार्ड की 2017 की सीरिया यात्रा और असद शासन के साथ उनकी कथित निकटता को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इन सबके बीच गब्बार्ड ने कैपिटल हिल में प्रमुख सीनेटरों से मुलाकात की और सीरिया पर ट्रंप के विचारों का समर्थन किया।

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ट्रंप का किया समर्थन 
कैपिटल हिल में सोमवार को अपने नामांकन को लेकर शीर्ष अमेरिकी सीनेटरों से मुलाकात के दौरान 43 वर्षीय गबार्ड ने कहा, 'मैं सीरिया के घटनाक्रम के संबंध में पिछले कुछ दिनों में राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा कही बातों का पूरा समर्थन करती हूं। उनसे पूरी तरह सहमत हूं।'

सीनेटरों ने गबार्ड की तारीफों के बांधे पुल
सीनेटर जोनी अर्न्स्ट ने कहा कि तुलसी गबार्ड के साथ मुलाकात काफी शानदार रही। वह एक मजबूत नेता हैं। वहीं, माइक राउंड्स ने कहा कि राष्ट्रीय खुफिया निदेशक के पद के लिए राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा नामित तुलसी गबार्ड के साथ बैठकर अच्छा लगा। इंटेलिजेंस पर सीनेट सेलेक्ट कमेटी के सदस्य के रूप में, मैं उनके साथ काम करने के लिए उत्सुक हूं। पहली मुलाकात बहुत अच्छी रही।'
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हाल के दिनों में कई अन्य सीनेटरों ने गबार्ड की प्रशंसा की है। इनमें सीनेटर रैंड पॉल, सीनेटर मार्कवेन मुलिन, सीनेटर लिंडसे ग्राहम, सीनेटर एरिक श्मिट और सीनेटर बिल हेगर्टी शामिल हैं। 

पहली हिंदू सांसद होंगी 
इस पर गबार्ड ने आभार जताया। बता दें, अगर अमेरिकी सीनेट से गबार्ड के नाम पर मोहर लग जाती है तो वह सीआईए और एफबीआई समेत अमेरिका की सभी खुफिया एजेंसियों के प्रभारी शक्तिशाली निकाय का नेतृत्व करने वाली पहली हिंदू अमेरिकी होंगी। 

कौन हैं तुलसी गबार्ड?
तुलसी गबार्ड करीब दो दशकों तक अमेरिकी सेना की शाखा नेशनल गार्ड में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। तुलसी गबार्ड इराक और कुवैत में भी तैनात रह चुकी हैं। हालांकि उनके पास खुफिया विभाग में काम करने का कोई अनुभव नहीं है। उन्होंने होमलैंड सिक्योरिटी समिति में भी अपनी सेवाएं दी हैं। तुलसी गबार्ड हवाई से साल 2013 से लेकर 2021 तक सांसद रहीं।

डेमोक्रेट पार्टी से राष्ट्रपति पद की कर चुकी हैं दावेदारी
तुलसी गबार्ड का भारत से कोई नाता नहीं हैं, लेकिन उनकी मां ने हिंदू धर्म अपना लिया था, जिसके चलते उन्होंने अपने बच्चों के नाम भी हिंदू धर्म वाले रखे। तुलसी गबार्ड भी हिंदू धर्म को मानती हैं। जब उन्होंने संसद में शपथ ली थी तो भागवत गीता पर हाथ रखकर शपथ ली थी। साल 2020 में तुलसी गबार्ड ने डेमोक्रेट पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद के लिए दावेदारी पेश की थी। हालांकि उन्हें पर्याप्त समर्थन न मिलने के बाद अपनी दावेदारी वापस लेनी पड़ी थी।

कमला हैरिस के खिलाफ राष्ट्रपति पद की बहस के लिए ट्रंप की कराई थी तैयारी
डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस के बीच जब राष्ट्रपति पद की बहस हुई थी, उस दौरान ट्रंप की तैयारी तुलसी गबार्ड ने ही कराई थी। इसकी वजह ये थी कि जब तुलसी गबार्ड ने साल 2020 में डेमोक्रेट पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद की दावेदारी पेश की थी तो उस वक्त कमला हैरिस भी दावेदारों की रेस में थी। तुलसी गबार्ड और कमला हैरिस के बीच पार्टी की आंतरिक बहस हुई थी, जिसमें तुलसी गबार्ड भारी पड़ी थीं। तुलसी गबार्ड ने अपने जवाब से कमला हैरिस की बोलती बंद कर दी थी। यही वजह रही कि जब ट्रंप और कमला हैरिस के बीच बहस होने वाली थी तो ट्रंप की तैयारी कराने वाले लोगों में तुलसी गबार्ड भी प्रमुख थीं।

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