इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू फिलहाल मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। उन पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय, दोनों स्तर पर कानूनी मामले चल रहे हैं। एक तरफ अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) ने नेतन्याहू के खिलाफ गाजा में युद्ध अपराध के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। वहीं दूसरी ओर, नेतन्याहू को इस्राइल में भी भ्रष्टाचार के एक मुकदमे में गवाही देनी है। अगर वह इस मामले में दोषी पाए गए तो उनका सियासी सफर खत्म हो सकता है। आईसीसी के मुकदमे पर नेतन्याहू को देश में समर्थन मिलता दिख रहा है, लेकिन भ्रष्टाचार के मामले में जनता की राय उन पर बंटी हुई है।
अदालतों के लगाने पड़ सकते हैं कई चक्कर
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नेतन्याहू के खिलाफ इस्राइल में लंबे समय से भ्रष्टाचार का मामला चल रहा है। इसी मामले में आज वह अदालत के सामने अपना पक्ष रखने के लिए तैयार हैं। अंदाजा लगाया जा रहा कि उन्हें कई सप्ताह तक अदालत और युद्ध कक्ष के बीच चक्कर लगाने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
एक साल से हमास के साथ जंग जारी
इस्राइल पिछले एक साल से भी अधिक समय से गाजा में फलस्तीनी समूह हमास के खिलाफ युद्ध लड़ रहा है, जिसके दौरान नेतन्याहू को अदालत में पेश होने के लिए मोहलत दी गई थी। लेकिन गुरुवार को जजों ने फैसला सुनाया कि उन्हें गवाही देनी होगी।अदालत ने कहा कि रिश्वतखोरी, धोखाधड़ी और विश्वासघात के आरोप में नेतन्याहू सप्ताह में तीन बार गवाही देंगे।
क्या बोले प्रधानमंत्री?
नेतन्याहू को 2019 में करोड़पति दोस्तों से उपहार से जुड़े तीन मामलों में और अनुकूल कवरेज के बदले मीडिया टाइकून के लिए कथित तौर पर नियामक पक्ष लेने के लिए दोषी ठहराया गया था। हालांकि, उनका कहना है कि उन्होंने ऐसा कुछ भी गलत काम नहीं किया है। सोमवार रात को प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपनी कहानी बताने के लिए आठ साल इंतजार किया। वहीं, जांच के दौरान गवाहों के साथ जिस तरह से व्यवहार किया गया, उस पर नाराजगी जताई।
यह है मामला
इस्राइली पीएम नेतन्याहू पर भ्रष्टाचार के आरोप 2016 से ही लगने शुरू हो गए थे। इस्राइली अधिकारियों ने आरोप लगाए थे कि पीएम धनी व्यापारियों से महंगे गिफ्ट लेकर उनके पक्ष में फैसले कर रहे हैं। अधिकारियों ने आरोप लगाया कि उन्होंने महंगे सिगार, शैंपेन,कंगन,बैग और लक्जरी कपड़े लिए थे। इसके बदले उन्होंने कथित तौर पर जांच और न्यायिक कार्यवाही में हस्तक्षेप किया था। इन आरोपों के दो साल बाद पुलिस ने इस्राइली नेता पर मुकदमा चलाने की सिफारिश की और अगले ही साल उन्हें दोषी ठहरा दिया।
नेतन्याहू पर क्या है आरोप?
इस्राइली पीएम के ऊपर लगे भ्रष्टाचार के मुकदमे में तीन अलग-अलग मामलों को मिला दिया गया है। इन आरोपों को 1000, 2000 और 4000 कहा जाता है।
केस 1000 में आरोप है कि इस्राइली प्रधानमंत्री ने हॉलीवुड निर्माता अर्नोन मिल्चन और आस्ट्रेलियाई अरबपति जेम्स पैकर से लगभग 30 हजार डॉलर के उपहार लिए हैं जिसके बदले उन्होंने वित्त मंत्रालय से उन्हें कर में छूट दिलवाई और कर अवधि को बढ़ा दिया।
केस 2000 में नेतन्याहू ने अपनी पॉजिटिव कवरेज के लिए इज़राइल के प्रमुख समाचार पत्र येडियट अहरोनोट के प्रकाशक के साथ एक बदले की व्यवस्था पर चर्चा की।
केस 4000 में शॉल एलोविच नाम के एक टेलीकॉम व्यापारी ने पीएम नेतन्याहू को महंगे उपहार दिए। उनका सोचना यह था कि ऐसा करके पीएम देश में उसके व्यापारिक हितों में बाधा नहीं डालेंगे।