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Pakistan: पुलिस ने मार गिराया TTP का आतंकी, इसी महीने टीटीपी ने कर दी थी ISI के दो अधिकारियों की हत्या

Tue, 31 Jan 2023 07:15 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

सीटीडी ने कहा, पुलिस और खुफिया कर्मियों ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कुर्रम में नियाजी के ठिकाने पर छापा मारा। उसे आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया था लेकिन उसने टीम पर गोली चला दी। क्रॉसफायर के दौरान गोलीबारी में उसकी मौत हो गई। 
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आतंक रोधी टीम (सांकेतिक) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पाकिस्तान की पुलिस ने मंगलवार को कहा कि उसने टीटीपी के एक आतंकवादी को मार गिराया है। पुलिस का मानना था कि वह इस महीने की शुरुआत में देश की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के दो अधिकारियों की हत्या में शामिल था।

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आतंकवाद रोधी विभाग ने बयान में क्या कहा?
पंजाब पुलिस के आतंकवाद रोधी विभाग (सीटीडी) ने एक बयान में कहा कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) का आतंकवादी उमर खान नियाजी, जो पांच जनवरी को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के खानेवाल जिले में आईएसआई के दो अधिकारियों की कथित तौर पर हत्या करने के बाद खैबर पख्तूनख्वा प्रांत भाग गया था, सोमवार को एक अभियान के दौरान मारा गया।

 

क्रॉसफायर के दौरान मारा गया नियाजी
सीटीडी ने कहा, पुलिस और खुफिया कर्मियों ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कुर्रम में नियाजी के ठिकाने पर छापा मारा। उसे आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया था लेकिन उसने टीम पर गोली चला दी। क्रॉसफायर के दौरान गोलीबारी में उसकी मौत हो गई। 
 

दो आईएसआई अधिकारियों की गोली मारकर की थी हत्या
मुल्तान क्षेत्र के निदेशक नवीद सादिक और इंस्पेक्टर नासिर अब्बास ने इस साल 3 जनवरी को खानेवाल जिले में पिरोवाल के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क किनारे एक रेस्तरां में एक स्रोत (नियाजी) से मुलाकात की। प्राथमिकी में कहा गया है, चाय पीने के बाद वे पार्किंग स्थल की ओर बढ़े जब सूत्र (नियाजी) ने बंदूक निकाली और इन आईएसआई अधिकारियों की गोली मारकर हत्या कर दी।
 

टीटीपी और लश्कर-ए-खुरासान ने ली थी हमले की जिम्मेदारी
एफआईआर में खुलासा किया गया है कि दोनों आईएसआई के अधिकारी पंजाब प्रांत में एक आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ करने के लिए काम कर रहे थे। टीटीपी और लश्कर-ए-खुरासान (अल-कायदा का समूह) ने हमले की जिम्मेदारी ली थी। टीटीपी ने सोमवार को पेशावर पुलिस लाइन की मस्जिद में हुए आत्मघाती बम विस्फोट की भी जिम्मेदारी ली है, जिसमें 95 लोग मारे गए हैं और 200 से अधिक घायल हो गए हैं।
 

पिछले साल नवंबर में खत्म हुआ संघर्ष विराम
पिछले साल नवंबर में टीटीपी ने जून में सरकार के साथ हुए अनिश्चितकालीन संघर्ष विराम को रद्द कर दिया था और अपने आतंकवादियों को सुरक्षा बलों पर हमले करने का आदेश दिया था। टीटीपी की स्थापना 2007 में कई आतंकवादी संगठनों के एक छत्र समूह के रूप में की गई थी। इसे पाकिस्तान तालिबान के नाम से भी जाना जाता है। इसका उद्देश्य अफगानिस्तान की तरह पूरे पाकिस्तान में इस्लाम के अपने सख्त शासन को लागू करना है। 
 

देश में कई बड़े हमलों को अंजाम दे चुका टीटीपी
टीटीपी को 2009 में सेना मुख्यालय पर हमला, सैन्य ठिकानों पर हमला और 2008 में इस्लामाबाद में मैरियट होटल पर बम विस्फोट सहित देशभर में कई घातक हमलों के लिए दोषी ठहराया गया था। 2014 में पाकिस्तानी तालिबान ने पेशावर के उत्तर-पश्चिमी शहर में आर्मी पब्लिक स्कूल पर हमला किया, जिसमें 150 छात्रों सहित कम से कम 131 लोग मारे गए थे।
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पेशावर मस्जिद विस्फोट: मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 100
पेशावर में तबाह हुई मस्जिद के मलबे से बचाव कर्मियों द्वारा और शव निकाले जाने के बाद मंगलवार को आत्मघाती विस्फोट में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 100 हो गई। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, सोमवार को जुहर (दोपहर) की नमाज के दौरान पहली पंक्ति में मौजूद आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया, जिससे नमाजियों पर छत गिर गई।

लेडी रीडिंग हॉस्पिटल (एलआरएच) के प्रवक्ता मोहम्मद आसिम ने कहा कि 100 शवों को अस्पताल लाया गया है। असीम ने कहा कि 53 घायलों का इलाज चल रहा है जबकि सात को आईसीयू में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर घायल खतरे से बाहर हैं। मृतकों में ज्यादातर पुलिसकर्मी हैं। मृतकों में कम से कम एक पुलिस उपाधीक्षक, पांच उप निरीक्षक और मस्जिद के नमाजी नेता मौलाना साहिबजादा नूरुल अमीन शामिल हैं।
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