अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर नोबेल शांति पुरस्कार पर अपना दावा ठोक दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने दुनिया में आठ युद्ध खत्म कराए हैं और ऐसे काम किए हैं, जो उनसे पहले किसी ने नहीं किए। ट्रंप ने साफ कहा कि अगर इतने बड़े काम करने के बाद भी उन्हें यह सम्मान नहीं मिलता, तो इससे नोबेल पुरस्कार देने वाली समिति की साख को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने ये बातें बुधवार दोपहर व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं। नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा शुक्रवार को नॉर्वे की नोबेल समिति करने वाली है।
मैंने आठ युद्ध खत्म कराए
ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में अपने कामों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे कदम उठाए हैं, जिनकी मिसाल पहले देखने को नहीं मिली। उन्होंने कहा, 'मैंने वो काम किए हैं, जो किसी और ने कभी नहीं किए। मैं अपनी तारीफ नहीं कर रहा, बल्कि सिर्फ तथ्य बता रहा हूं। शायद ही किसी राष्ट्रपति ने कभी कोई युद्ध खत्म कराया हो। मैंने आठ युद्ध खत्म कराए हैं।'
सम्मान नहीं मिला तो नोबेल समिति पर उठेंगे सवाल
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि नोबेल समिति की छवि ऐसी रही है कि वह शायद उनके जैसे व्यक्ति को यह पुरस्कार नहीं देना चाहती। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पुरस्कार मिले या न मिले, वह पहले ही बहुत कुछ कर चुके हैं। ट्रंप के मुताबिक, जब कोई नेता आठ युद्ध रुकवाने का दावा करता है, तो उसके योगदान को नजरअंदाज करना समिति के लिए बड़ा नुकसान साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि वह यह बात किसी नाराजगी या तंज के तौर पर नहीं, बल्कि अपने कामों के आधार पर कह रहे हैं।
आठ महीने से जारी युद्ध पर भी ट्रंप की नजर
ट्रंप ने संकेत दिया कि उनकी युद्ध रुकवाने की कोशिशें अभी खत्म नहीं हुई हैं और वह एक और संघर्ष को सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। माना जा रहा है कि उनका इशारा अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध की ओर था, जो अब आठवें महीने में पहुंच चुका है। ट्रंप ने इस संभावित पहल को लेकर विस्तार से कुछ नहीं बताया, लेकिन उनके बयान से साफ है कि वह अपने शांति प्रयासों को नोबेल पुरस्कार के दावे का अहम आधार बना रहे हैं।
ओबामा को पुरस्कार मिलने पर भी उठाए सवाल
ट्रंप ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को 2009 में मिले नोबेल शांति पुरस्कार का जिक्र करते हुए कहा कि वह खुद इस सम्मान के ज्यादा हकदार हैं। उन्होंने ओबामा पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें आज तक समझ नहीं आया कि यह पुरस्कार किस वजह से मिला था। ट्रंप के मुताबिक, ओबामा को राष्ट्रपति चुने जाने के तुरंत बाद ही यह सम्मान दे दिया गया था, जबकि उस समय उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया था, जिसके लिए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए था।
मारिया कोरिना मचाडो ने ट्रंप को बताया था हकदार
ट्रंप ने पिछले साल के नोबेल शांति पुरस्कार विजेता वेनेजुएला की मारिया कोरिना मचाडो का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मचाडो एक शानदार महिला हैं और उन्होंने खुद माना था कि इस सम्मान की असली हकदार ट्रंप थे। ट्रंप के मुताबिक, मचाडो ने ओवल ऑफिस में उन्हें अपना पुरस्कार सौंपा था। उन्होंने कहा, 'उनसे यह सम्मान अप्रत्यक्ष रूप से पाकर मुझे बहुत खुशी हुई। पिछली बार पुरस्कार पाने वाली महिला ने कहा था कि इतिहास में राष्ट्रपति ट्रंप से ज्यादा कोई इसका हकदार नहीं है।'
टैरिफ को भी बताया शांति कायम करने का हथियार
ट्रंप ने अपने दावों को दोहराते हुए कहा कि बीते एक साल में उन्होंने आठ युद्ध खत्म कराए, सभी बंधकों की रिहाई सुनिश्चित की और कई दूसरे युद्धों को शुरू होने से रोका। उन्होंने इसके लिए टैरिफ यानी आयात पर लगाए जाने वाले शुल्क की धमकी को भी अहम हथियार बताया। ट्रंप का दावा है कि कुछ देशों पर टैरिफ लगाने का दबाव बनाकर उन्होंने उन्हें ऐसे कदम उठाने से रोका, जिनसे लोगों की जान जा सकती थी। उनके मुताबिक, इस तरह आर्थिक दबाव का इस्तेमाल करके भी संघर्षों को टाला जा सकता है।
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नोबेल पुरस्कार की घोषणा से पहले ट्रंप ने बढ़ाई चर्चा
नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा से ठीक पहले ट्रंप के इस बयान ने उनके दावे को फिर चर्चा में ला दिया है। वह लगातार अपने युद्ध रोकने के प्रयासों को अपनी बड़ी उपलब्धि बताते रहे हैं और चाहते हैं कि इन कामों के लिए उन्हें दुनिया का प्रतिष्ठित शांति सम्मान मिले। हालांकि, पुरस्कार किसे दिया जाएगा, इसका फैसला नॉर्वे की नोबेल समिति करेगी। ट्रंप के दावों के बीच अब सबकी नजर शुक्रवार को होने वाली घोषणा पर टिकी है।