शिकागो में सितंबर में शुरू हुआ यह 'ऑपरेशन मिडवे ब्लिट्ज' पहले तो आईसीई अधिकारियों की सीमित गिरफ्तारियों से शुरू हुआ, लेकिन बाद में सीबीपी के सैकड़ों एजेंट शामिल हो गए। उनकी रणनीतियां भी काफी आक्रामक बताई गईं। अब तक 3,200 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। सरकार ने इन गिरफ्तारियों के बारे में बहुत कम जानकारी दी है, बस कुछ ऐसे मामलों को उजागर किया है जिनमें संदिग्धों का आपराधिक रिकॉर्ड था।
अमेरिका में ट्रंप प्रशासन की सख्त आव्रजन मुहिम का अगला निशाना अब शार्लोट हो सकता है। मेक्लेनबर्ग काउंटी के शेरिफ गैरी मैकफैडन ने बताया कि दो संघीय अधिकारियों ने उन्हें पुष्टि की है, यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (सीबीपी) के एजेंट इस शनिवार या फिर अगले हफ्ते की शुरुआत में शहर में कार्रवाई शुरू कर सकते हैं। शेरिफ ने कहा कि अभी तक न तो उन्हें अभियान का पूरा ब्यौरा दिया गया है और न ही उनसे किसी मदद की मांग की गई है।
डीएचएस चुप- 'हम भविष्य के ऑपरेशंस पर बात नहीं करते'
होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (डीएचएस) की असिस्टेंट सेक्रेटरी ट्रिशा मैकलॉफलिन ने इस पूरे मामले पर टिप्पणी करने से मना कर दिया। उन्होंने कहा, 'डीएचएस रोज देश भर में कानून लागू करता है, लेकिन भावी ऑपरेशंस पर हम बात नहीं करते।'
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ट्रंप का तर्क, 'डेमोक्रेटिक शहरों में अपराध बढ़ा, कार्रवाई जरूरी'
ट्रंप पहले भी लॉस एंजिलिस, शिकागो जैसे डेमोक्रेट-शासित शहरों में भारी संख्या में एजेंट भेजने को सही ठहराते रहे हैं। उनका कहना है कि ये ऑपरेशन अपराध रोकने और बड़े पैमाने पर निर्वासन की योजना के लिए जरूरी हैं। शार्लोट भी डेमोक्रेट्स का गढ़ है, जहां लगभग 1.5 लाख विदेशी मूल के लोग रहते हैं। शहर की आबादी का अनुपात- 40% श्वेत, 33% अश्वेत, 16% हिस्पैनिक और 7% एशियाई।
एक हत्या बन रही है सरकार का बड़ा तर्क
इस साल गर्मियों में एक रेलगाड़ी में यूक्रेनी शरणार्थी इरिना जरुत्सकाहस की चाकू से हत्या को भी प्रशासन कार्रवाई का आधार बता रहा है। इस मामले में एक आपराधिक रिकॉर्ड वाले व्यक्ति पर आरोप लगा है। सरकार के अनुसार यह घटना दिखाती है कि 'डेमोक्रेटिक शहर अपने नागरिकों को सुरक्षित रखने में नाकाम हैं।'
समुदाय सतर्क- डर कम करने की कोशिशें तेज
शहर के कार्यकर्ता, धार्मिक नेता और जनप्रतिनिधि पहले ही समुदाय को तैयार कर रहे हैं। बुधवार को शार्लोट पूर्व नाम के समूह की तरफ से आयोजित एक कॉल में 500 से ज्यादा लोग जुड़े। नव-निर्वाचित सिटी काउंसिल सदस्य जेडी मजुएरा आरियास ने कहा कि मकसद 'आपसी मदद का नेटवर्क' बनाना है। शार्लोट पूर्व के निदेशक ग्रेग एशियुटो ने निवासियों से कहा कि वे स्थानीय सहायता समूहों से जुड़े रहें।
स्थानीय पुलिस ने साफ किया-'हम फेडरल इमिग्रेशन कानून लागू नहीं करते'
शार्लोट-मेक्लेनबर्ग पुलिस विभाग ने कहा कि उनके पास फेडरल इमिग्रेशन कानून लागू करने का अधिकार नहीं है और वे इस कार्रवाई का हिस्सा नहीं हैं। लेकिन मजुएरा आरियास और अन्य नेताओं ने बताया कि उन्हें पहले से ही कुछ इलाकों और ट्रांजिट रूट्स पर साधारण कपड़ों में संदिग्ध अधिकारियों की मौजूदगी की अनौपचारिक रिपोर्टें मिल रही हैं। राज्य सीनेटर कालेब थियोड्रोस बोले-'शिकागो में भी यही उथल-पुथल देखने को मिली थी।'