दरअसल, ईसाई धार्मिक पुस्तकों में गर्भपात को अनुचित बताया गया है जिसे ट्रंप कानून की शक्ल देना चाहते हैं। कई सर्वोच्चतावादी अमेरिकी इस कानून के समर्थक हैं। कानून में गर्भस्थ शिश में दिल की धड़कन सुनाई पड़ने की स्थिति में गर्भपात पर रोक लग जाएगी।
कानून में सिर्फ दुष्कर्म या मां को जान का जोखिम होने पर ही गर्भपात की इजाजत होगी। इसका देश में विरोध भी हो रहा है।