अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
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उद्योग, रियल एस्टेट और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को अपनी इच्छा से झुकाना। अपनी स्थिति के खिलाफ जाने वाले तथ्यों को झूठा घोषित करना। उनके इरादों पर सवाल खड़े करने वाले गवाहों को बेइमान साबित करना। अपने व्यवहार की आलोचना करने वालों को भ्रष्ट, उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने का छिपा हुआ प्रयास करने वाला घोषित करना।
यह रक्षा के लिए आक्रमण की वह नीति है, जिसके बूते पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चार दशक से ज्यादा के सार्वजनिक जीवन में सफलता हासिल की है। अब महाभियोग प्रक्रिया का सामना कर रहे ट्रंप ने अपनी रक्षा के लिए आक्रमण करने की वही नीति अख्तियार कर ली है और इस बड़ी चुनौती का सामना करने से पहले सीनेट (अमेरिकी संसद का उच्च सदन) में सुनवाई का प्रस्ताव इसी का एक हिस्सा है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसी रणनीति के तहत सीनेट में सुनवाई के लिए व्हाइट हाउस और रिपब्लिकन सांसद ट्रंप के साथ गठजोड़ कर चुके हैं। सीनेट की सुनवाई में ट्रंप को न केवल निर्दोष घोषित करने की तैयारी है, बल्कि घटनाओं के संस्करणों के जरिए उन्हें व्यापक साजिश के शिकार के तौर पर चित्रित करने की भी तैयारी है, ताकि राष्ट्रपति के तौर पर उन्हें कमजोर किया जा सके। साथ ही यह भी दिखाने का प्रयास है कि ट्रंप को कमजोर करने की साजिश उनके राष्ट्रपति बनने से पहले ही शुरू कर दी गई थी।
इस रणनीति में उस दावे को भी शामिल किया जाएगा, जिसमें 2016 के चुनावों में रूस के बजाय यूक्रेन के हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया गया है। इस आरोप का खंडन करते हुए प्रशासन की अपनी खुफिया एजेंसियाें ने इस सप्ताह निराधार करार दिया था। साथ ही यह मुद्दा भी उछाला जाएगा कि उप राष्ट्रपति जोसेफ आर. बिडेन जूनियर के छोटे बेटे हंटर बिडेन ने अपने पिता के संबंधों का लाभ उठाकर यूक्रेन में किस तरह पैसा बनाया है।