अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन 450,000 प्रवासी बच्चों का पता लगाने की योजना बना रहा है। ये बच्चे पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल के दौरान अपने माता-पिता के बिना मैक्सिको सीमा पार कर अमेरिका आए थे। बच्चों का पता लगाने के लिए होमलैंड सिक्योरिटी और एफबीआई के एजेंट घर-घर जाकर दरवाजा खटखटा रहे हैं, जिससे कि बच्चों की समीक्षा की जा सके।
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि वह बच्चों को ढूंढकर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहता है। अधिकारियों का कहना है कि कई बच्चे हाल के वर्षों में सीमा पार कर अमेरिका आए और बाद में वयस्क प्रायोजकों, आमतौर पर माता-पिता, रिश्तेदारों या पारिवारिक मित्रों के साथ घरों में रखे गए। हालांकि, प्रवासी अधिकार कार्यकर्ता ट्रंप प्रशासन की इस योजना पर शक कर रहे हैं। उनका मानना है कि ट्रंप प्रशासन बच्चों और उनके साथ रहने वाले वयस्कों को पकड़कर देश से बाहर निकालने की कोशिश कर सकता है। खासकर तब, जब वह कानूनी रूप से देश में नहीं रह रहे हैं।
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न्याय विभाग का आरोप- एक व्यक्ति ने 14 वर्षीय लड़की का यौन शोषण किया
ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि प्रवासी बच्चों के साथ रहने वाले वयस्क प्रायोजकों की सही तरीके से जांच नहीं की जाती थी, जिससे कुछ लोगों को शोषण का खतरा रहता था। न्याय विभाग ने एक व्यक्ति पर आरोप लगाया है कि उसने 14 वर्षीय लड़की को ग्वाटेमाला से अमेरिका आने के लिए बहलाया और फिर उसे अपनी बहन बताकर उसकी कस्टडी ले ली। इसके बाद, उसने लड़की का यौन शोषण किया।
वयस्क प्रायोजकों से पूछताछ कर रहे एजेंट
अधिकारियों का कहना है कि ट्रंप प्रशासन अब घर-घर जाकर जांच करवा रहा है। एफबीआई और सुरक्षा एजेंसियों के एजेंट बच्चों और उनके वयस्क प्रायोजकों से पूछताछ कर रहे हैं। एक वरिष्ठ स्वास्थ्य और मानव सेवा अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि 2023 से लगभग 65,000 शिकायतें दर्ज की गई हैं और लगभग 450 मामलों को जांच के लिए कानून प्रवर्तन अधिकारियों को भेजा गया है। उनका कहना है कि हर रिपोर्ट की जांच की जा रही है, क्योंकि बच्चों की सुरक्षा सबसे जरूरी है। स्वास्थ्य मंत्री रॉबर्ट एफ कैनेडी जूनियर ने बुधवार को ट्रंप के साथ कैबिनेट बैठक के दौरान समीक्षा का संदर्भ देते हुए कहा कि उनकी एजेंसी बच्चों को खोजने की कोशिश कर रही है।
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बाइडन प्रशासन में भी चलाया गया कार्यक्रम, लेकिन विफल रहा
संघीय निगरानी रिपोर्ट के अनुसार, डेमोक्रेटिक बाइडन प्रशासन के कार्यकाल के दौरान भी प्रवासी बच्चों का पता लगाने का कार्यक्रम चलाया गया, लेकिन उस समय कुछ समस्याएं रहीं, जिनमें सभी प्रायोजकों की पृष्ठभूमि की सही तरीके से जांच न होना, गलत पते देना, या झूठी जानकारी देना आदि। रिपोर्ट जारी होने के बाद, बाइडन प्रशासन ने कहा कि उसने पहली ही प्रशिक्षण, निगरानी, प्रौद्योगिकी और मूल्यांकन के माध्यम से मुद्दों को सुधारने के लिए काम किया है। हजारों बच्चे वैध परिवारों के साथ भी रह रहे हैं, लेकिन उनमें से कुछ को डर है कि कहीं ट्रंप प्रशासन उन्हें भी जांच में फंसाकर उनके परिवार को निर्वासित न कर दे।
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