भारत के एंटी सैटेलाइट मिसाइल परीक्षण पर चीन के बाद अमेरिका ने भी चिंता जाहिर की है। अमेरिका ने अंतरिक्ष में कचरा बढ़ने को लेकर भारत को आगाह किया है। बुधवार को भारत ने परीक्षण में अपने ही सैटेलाइट को मार गिराया था।
अमेरिका के कार्यवाहक रक्षा मंत्री पैट्रिक ने कहा, ‘अमेरिका इस बात का अध्ययन कर रहा है, जिसमें भारत ने कहा है कि उसने अंतरिक्ष में कचरा नहीं छोड़ा है। हमारा मानना है कि हम सभी अंतरिक्ष में रहते हैं और इसमें कचरा नहीं फैलाना चाहिए। अंतरिक्ष एक ऐसी जगह होनी चाहिए जहां हम व्यापार कर सकें, जहां लोगों को काम करने की स्वतंत्रता हो। इस तरह के परीक्षण से अंतरिक्ष में कचरा बढ़ता है, जो नागरिक और सैन्य सैटेलाइट को नुकसान पहुंचा सकता है।’
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘भारत के साथ हमारी मजबूत सामरिक साझेदारी के तौर पर हम अंतरिक्ष और विज्ञान में साझा हितों के लिए काम करते रहेंगे। हालांकि, अमेरिकी सरकार के लिए अंतरिक्ष में मलबा एक बड़ी समस्या है। हमने भारत सरकार के उस बयान पर ध्यान दिया कि परीक्षण इस तरह किया गया था जिससे अंतरिक्ष में मलबा नहीं हो।’
भारत का कहना है कि उसने जानबूझकर ‘मिशन शक्ति’ का परीक्षण कम ऊंचाई पर किया, ताकि कचरा अंतरिक्ष में न रहे और पृथ्वी पर गिर जाए। कुछ विशेषज्ञों ने भारत के इस दावे पर संदेह जताया है। उनका कहना है कि मलबे को नियंत्रित नहीं किया जा सकता है और वो किस ओर जाएगा, यह कहना मुश्किल है।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता के हवाले से कहा है कि अमेरिकी सेना भारत के इस परीक्षण से उत्पन्न मलबे के 250 टुकड़ों की निगरानी कर रही है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी के प्रमुख जिम ब्रिडेंस्टाइन ने कांग्रेस से कहा, ‘कुछ लोग एंटी सैटेलाइट परीक्षण जानबूझकर करते हैं और अंतरिक्ष में कचरा फैलाते हैं। हम इस समस्या से पहले से ही जूझ रहे हैं।’