अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह चीनी निर्यात पर नए शुल्क नहीं लगाएंगे। ट्रंप चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए भी तैयार हो गए हैं। शनिवार को दोनों नेताओं के बीच जापान के ओसाका में आयोजित जी-20 सम्मेलने में मुलाकात हुई है।
चीनी मीडिया के अनुसार ट्रंप और जिनपिंग की बैठक करीब 80 मिनट तक हुई। बैठक के बाद ट्रंप ने कहा कि बातचीत जितनी बेहतर हो सकती थी, उतनी बेहतर हुई। चीन के साथ ये बातचीत जारी रहेगी... हम ट्रैक पर हैं।
इस वार्ता से पहले ट्रंप ने कहा था कि वह पहले से ही स्थायी व्यापारिक सौदे के लिए तैयार थे। ट्रंप ने पिछली वार्ताओं का भी जिक्र किया और कहा कि मुझे लगता है कि हम समझौते के काफी करीब थे लेकिन थोड़ी रुकावट आ गई। अगर हम निष्पक्ष समझौता कर पाए तो वो ऐतिहासिक होगा।
ट्रंप ने बीते साल चीन के साथ व्यापार युद्ध की शुरुआत की थी। ट्रंप ने चीन से कहा था कि व्यापार घाटे को कम किया जाए, जो बीते साल 539 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया था। ट्रंप ने जोर देते हुए कहा था कि चीन को अमेरिकी सामान को चीनी बाजार में अधिक जगह देनी चाहिए। इसके बाद दोनों देशों ने एक दूसरे से आयातित सामान पर अरबों डॉलर का अतिरिक्त शुल्क लगाना शुरू कर दिया था।
हाल ही में ट्रंप ने अमेरिका में शेष चीन से आयातित 300 अरब डॉलर के सामान पर टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी। उन्होंने शी के साथ विफल हुई बैठक के बाद ये बात कही थी। अमेरिका पहले से ही चीन से 200 अरब डॉलर मूल्य के आयात पर शुल्क 10 से बढ़ाकर 25 फीसदी कर चुका है।
व्यापार युद्ध खत्म करने के लिए उच्च स्तरीय अधिकारियों के नेतृत्व में दोनों ही ओर से विशेष टीमों ने 11 राउंड वार्ता की हैं। ट्रंप ने भी शी से फोन पर बातचीत के बाद ओसाका में होने वाली मुलाकात में प्रगति का संकेत दिया।
हालांकि अमेरिका और भारत के बीच व्यापार को लेकर हालात ठीक नहीं चल रहे हैं। चाहे फिर ईरान से तेल लेने की बात हो या फिर रूस से एस-400 मिसाइल। ट्रंप सरकार ने भारत को जीएसपी सूची से बाहर कर दिया था और इसका जवाब देते हुए भारत ने अमेरिका से आयातित 28 अत्पादों पर आयात शुल्क बढ़ा दिया।