ट्रंप ने अपने रिसोर्ट में छिपाई एटमी हथियारों की जानकारी
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फ्लोरिडा में मार-ए-लागो एस्टेट में पड़े छापों के संबंध में कहा जा रहा है कि सत्ता छोड़ने के बाद देश के परमाणु हथियारों से संबंधित जानकारी वह अपने साथ ले गए थे। इसे उन्होंने अपने आवास में छिपा दिया। नियम के मुताबिक, यह जानकारी केवल सरकार के पास हो सकती है। एफबीआई के छापों में उन्हीं कागजात को तलाशने का प्रयास किया जा रहा था। अमेरिका का कोई बड़ा अधिकारी परमाणु दस्तावेज के संबंध में आधिकारिक रूप से बोलने के लिए तैयार नहीं है, लेकिन वाशिंगटन टाइम्स अखबार ने जांच से जुड़े जानकार सूत्रों के हवाले से यह सूचना प्रकाशित की है।
अमेरिका के इतिहास में सबसे ज्यादा मुकदमों का सामना करने वाले पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर आरोप लगे थे कि चुनाव हारने के बावजूद उन्होंने सत्ता अपने पास रखने की कोशिश की। जब उन्होंने व्हाइट हाउस छोड़ा तो सरकार से संबंधित गोपनीय जानकारी अपने साथ ले गए। इसे उन्होंने मार-ए-लागो में रिसोर्ट पर छिपाकर रखा। यह कागजात वहां असुरक्षित थे और किसी भी देश की एजेंसियां इन तक पहुंच सकती थीं। अब ट्रंप पर गोपनीय जानकारी छिपाने और देश के खिलाफ जासूसी का मुकदमा चलाए जाने की संभावना है।
समर्थकों का आरोप, चुनाव लड़ने से रोकना चाहते हैं विरोधी
इन छापों के संबंध में पूर्व राष्ट्रपति के समर्थकों का कहना है कि ट्रंप 2024 में फिर से राष्ट्रपति चुनाव में अपनी दावेदारी करेंगे। विरोधी उन्हें इससे रोकना चाहते हैं। उनके रिसोर्ट पर छापे और वहां से कथित तौर पर गोपनीय कागजात की बरामदगी विरोधियों का उन्हें चुनाव में उतरने से रोकने के लिए रचा गया षड्यंत्र है। इसे लेकर रिपब्लिकन पार्टी के असरदार सदस्यों ने जांच एजेंसियों और न्याय विभाग पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।
अटार्नी जनरल ने व्यक्तिगत रूप से दी थी तलाशी की मंजूरी
अमेरिका के अटार्नी जनरल मैरिक गारलैंड ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने इस तलाशी के संबंध में वारंट लेने के लिए व्यक्तिगत रूप से मंजूरी दी थी। उन्हें गोपनीय कागजात छिपाए जाने का यकीन था। उन्होंने एफबीआई के एजेंटों और न्याय विभाग के अधिकारियों को किसी से भी भयभीत हुए बिना काम करने को कहा।
ट्रंप ने पूछा, वकील को मौजूद रहने की क्यों नहीं दी अनुमति
तमाम विवादों के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक पोस्ट लिखकर पूछा है कि अधिकारियों ने छापों के दौरान हमारे वकील या अन्य समर्थकों को मौजूद रहने की इजाजत क्यों नहीं दी। उन्हें घर से दूर हटा दिया गया। इसके बाद उन्होंने जो कुछ किया, उसमें उनके अलावा कोई भी शामिल नहीं था। परमाणु हथियारों से जुड़े कागजात का मुद्दा महज एक छलावा है। ऐसा तो नहीं, एजेंसी उन्हें बदनाम करने के लिए किसी के इशारे पर अपने पास से दस्तावेज वहां छिपा रही थी और बाद में उनकी बरामदगी दिखा दी। उन्होंने सरकार से छलावा बंद करने के लिए कहा।