सर्वे के दौरान उसमें शामिल लोगों से पूछा गया कि क्या उनकी राय में अमेरिका का जीतना महत्वपूर्ण है और अमेरिका के अलावा वे किस देश को जीतता या हारता देखना चाहेंगे। इस पर 63 फीसदी अमेरिकियों ने कहा कि जब अमेरिका का झंडा ओलंपिक में लहराता है, तो उनमें बेहद सकारात्मक भावना पैदा होती है। हालांकि ये देखा गया कि ये भावना उम्रदराज अमेरिकियों में ज्यादा है। 45 वर्ष से अधिक उम्र के अमेरिकियों के 70 फीसदी हिस्से ने ऐसी राय जताई। जबकि 18 से 24 साल के अमेरिकियों के बीच ऐसी राय जताने वालों की संख्या 39 फीसदी ही रही।
सर्वे में शामिल लोगों से एक सवाल यह पूछा गया कि वे ओलंपिक खेलों में मुकाबले को खिलाड़ियों के बीच का मुकाबला समझते हैं या देशों के बीच का। इस पर 40 फीसदी लोगों ने कहा कि ये मुकाबला खिलाड़ियों के बीच का होता है, जबकि 37 फीसदी ने कहा कि दोनों के बीच मुकाबला होता है, जबकि 19 फीसदी की राय थी कि ओलंपिक में देशों के बीच प्रतिस्पर्धा होती है। 82 फीसदी लोगों ने कहा कि वे टोक्यो ओलंपिक के दौरान अमेरिकी खिलाड़ियों का समर्थन करेंगे।
लगभग एक चौथाई (23 फीसदी) अमेरिकियों ने राय जताई कि चीन के खिलाफ जो भी मुकाबले में होगा, वे उसका समर्थन करेंगे। ऐसी राय जताने वालों में 34 फीसदी ऐसे थे, जो रिपब्लिकन पार्टी के समर्थक हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी के 16 फीसदी समर्थकों ने ही ऐसी राय जताई। लेकिन ईरान और रूस के खिलाड़ियों के खिलाफ किसी भी दूसरे देश का समर्थन करने की जो राय सामने आई, उनमें डेमोक्रेटिक पार्टी के समर्थक ज्यादा हैं। जिन देशों के खिलाड़ियों के लिए अमेरिकियों के बीच ज्यादा समर्थन दिखा, उनमें कनाडा, मेक्सिको, ब्रिटेन, और जापान शामिल हैं।