अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय मूल के चंद्र नागमल्लैया की हत्या की निंदा की। नागमल्लैया का क्यूबा से आए एक अवैध विदेशी ने उनकी पत्नी और बेटे के सामने सिर धड़ से अलग कर दिया था। ट्रंप ने रविवार को इस घटना को भयानक बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके शासन में अवैध अप्रवासी अपराधियों के प्रति नरम रुख अपनाने का समय खत्म हो गया है। उन्होंने हत्यारे के खिलाफ कार्रवाई करने का संकल्प लिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट किया, 'मुझे टेक्सास के डलास में एक सम्मानित शख्स चंद्र नागमल्लैया की हत्या की भयावह खबरों की जानकारी है। उनकी पत्नी और बेटे के सामने क्यूबा से आए एक अवैध विदेशी ने बेरहमी से उनका सिर कलम कर दिया, जिसे हमारे देश में कभी होना ही नहीं चाहिए था। इस व्यक्ति को पहले भी बाल यौन शोषण, कार चोरी और झूठे कारावास जैसे जघन्य अपराधों के लिए गिरफ्तार किया गया था, लेकिन अक्षम जो बाइडन के कार्यकाल में उसे हमारी मातृभूमि में वापस छोड़ दिया गया, क्योंकि क्यूबा ऐसे दुष्ट व्यक्ति को अपने देश में नहीं चाहता था। निश्चिंत रहें, मेरे शासन में इन अवैध अप्रवासी अपराधियों के प्रति नरमी बरतने का समय अब खत्म हो गया है! होमलैंड सिक्योरिटी सचिव क्रिस्टी नोएम, अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी, बॉर्डर जार टॉम होमन और मेरे प्रशासन के कई अन्य लोग अमेरिका को फिर से सुरक्षित बनाने में अविश्वसनीय काम कर रहे हैं। इस अपराधी, जिसे हमने हिरासत में लिया है, पर कानून की पूरी हद तक मुकदमा चलाया जाएगा। उस पर जघन्य हत्या का आरोप लगाया जाएगा!'
10 सितंबर को चाकू से हमला किया गया
मूल रूप से कर्नाटक के रहने वाले 50 वर्षीय चंद्र मौली 'बॉब' नागमल्लैया पर 10 सितंबर को डाउनटाउन सूट्स मोटल में चाकू से हमला किया गया। वे यहीं रहते थे और काम करते थे। उनकी पत्नी और 18 वर्षीय बेटे के सामने हुए इस हमले ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय को गहराई से झकझोर दिया है। आरोपी 37 वर्षीय योर्डानिस कोबोस-मार्टिनेज पर हत्या का आरोप लगाया गया है।
आरोपी को 2025 में रिहा कर दिया गया था
अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उसे पहले भी हिरासत में लिया गया था, लेकिन क्यूबा की ओर से उसके निर्वासन को स्वीकार करने से इनकार करने के बाद उसे जनवरी 2025 में रिहा कर दिया गया।
अंतिम संस्कार में करीबी परिवार और दोस्त शामिल
नागमल्लैया का अंतिम संस्कार 13 सितंबर को टेक्सास के फ्लावर माउंड में हुआ, जिसमें उनके करीबी परिवार और दोस्त शामिल हुए। उनके परिवार की सहायता के लिए एक धन उगाहने वाले अभियान ने 321,326 अमेरिकी डॉलर से अधिक की राशि जुटाई है। इस हत्या ने आव्रजन प्रवर्तन और अमेरिकी अधिकारियों के सामने आने वाली चुनौतियों पर बहस को फिर से शुरू कर दिया है, जब देश निर्वासित लोगों को स्वीकार करने से इनकार करते हैं।