- तस्वीरें कैप्चर करने के लिए यान को डेढ़ साल में लगाने पड़े 1,344 चक्कर
- दक्षिणी ध्रुव समेत उन इलाकों की भी तस्वीरें, जिन्हें आज तक किसी ने नहीं देखा
- चीन का मंगल पर लॉन्च किया गया पहला मिशन था तियानवेन-1
दक्षिणी ध्रुव पर छिपा है मंगल का सारा पानी
वैज्ञानिकों का मानना है कि लाल ग्रह का सारा पानी दक्षिणी ध्रुव पर ठोस और द्रव रूप में छिपा हुआ है। 2018 में, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के एक अंतरिक्ष यान ने मंगल के दक्षिणी ध्रुव की बर्फ के नीचे पानी की खोज की थी। पृथ्वी के दो ध्रुवों की तुलना में मंगल पर पाई जाने वाली बर्फ सूखी (ठोस कार्बन डाइऑक्साइड) और पानी से मिलकर बनी होती है। मंगल ग्रह पर ध्रुवीय इलाकों और कई जगहों पर सतह के नीचे बर्फ पाई जाती है।
4 हजार किलोमीटर लंबी घाटी नजर आई
तियानवेन -1 की तस्वीरों में चार हजार किलोमीटर लंबी घाटी वालेस मेरिनेरिस भी शामिल है। इसके अलावा साथ ही 18,000 मीटर लंबी एस्क्रेयस मॉन्स के ऊपर से नीचे का दृश्य भी काफी रोचक है। इन तस्वीरों में मंगल के एक शांत ज्वालामुखी को भी दिखाया गया है। इसकी खोज नासा के मेरिनर 9 ने की थी।
पहले असफल रही थी कोशिश
तियानवेन -1 से पहले चीन ने 2011 में रूस के साथ मिलकर मंगल ग्रह पर यान भेजने की कोशिश असफल रही थी। यह मिशन प्रक्षेपण के कुछ देर बाद ही विफल हो गया था।