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UN: तीन भारतीय शांति सैनिकों को मरणोपरांत मिलेगा सम्मान, संयुक्त राष्ट्र पदक से किया जाएगा सम्मानित

Tue, 23 May 2023 09:15 PM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र

सार

तीन भारतीय शांति सैनिक उन 103 सैन्य, पुलिस और नागरिक शांति सैनिकों में शामिल हैं जिनको यह सम्मान दिया जाना है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Agency (File Photo)
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तीन भारतीय शांति सैनिकों को मरणोपरांत संयुक्त राष्ट्र के प्रतिष्ठित पदक से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान संयुक्त राष्ट्र के लिए सेवा करने और कर्तव्य पालन के लिए दिए जाता है। तीन भारतीय शांति सैनिक उन 103 सैन्य, पुलिस और नागरिक शांति सैनिकों में शामिल हैं जिनको यह सम्मान दिया जाना है। जिनको यह सम्मान मिलेगा उनके नाम शिशुपाल सिंह शाबर ताहेर अली और सनवाला राम विश्नोई है।

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तीन भारतीयों में सीमा सुरक्षा बल के हेड कांस्टेबल शिशुपाल सिंह और सनवाला राम विश्नोई शामिल हैं, जिन्होंने कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में संगठन स्थिरीकरण मिशन के साथ काम किया और वहीं शाबर ताहेर अली, इराक में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन के लिए कार्यरत थे।

भारत वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना में तीसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता है, जिसमें 6,000 से अधिक सैन्य और पुलिस कर्मियों को अबेई, मध्य अफ्रीकी गणराज्य, साइप्रस, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, लेबनान, मध्य पूर्व और पश्चिमी सहारा में तैनात किया गया है।
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शांति संचालन के लिए अवर महासचिव जीन-पियरे लैक्रोइक्स ने अपने संदेश में कहा कि शांति स्थापना इस बात का एक शक्तिशाली उदाहरण है कि कैसे मजबूत साझेदारी और सामूहिक राजनीतिक इच्छा से सार्थक परिवर्तन हो सकता है। स्थानीय समुदायों और अन्य भागीदारों के साथ मिलकर काम करते हुए, हमारे कर्मी नागरिकों की रक्षा करते हैं, राजनीतिक समाधानों को आगे बढ़ाते हैं, और स्थायी शांति की खोज में संघर्षों को समाप्त करने में मदद करते हैं।

डेग हैमरस्कॉल्ड मेडल दिसंबर 2000 में स्थापित किया गया था और मरणोपरांत उन शांति अभियानों के सदस्यों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र के संचालन नियंत्रण और अधिकार के तहत शांति स्थापना अभियान के दौरान सेवा के दौरान अपनी जान गंवा दी। पदक का नाम दूसरे संयुक्त राष्ट्र महासचिव के नाम पर रखा गया है, जिनकी 1961 में एक रहस्यमयी विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। जिस वर्ष उनकी मृत्यु हुई, उन्हें मरणोपरांत नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

कामी रीता ने 28वीं बार फतह किया माउंट एवरेस्ट
इधर, नेपाली शेरपा कामी रीता (53) ने 28वीं बार माउंट एवरेस्ट की चोटी को फतह कर अपना ही पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। एक सप्ताह में कामी रीता की दूसरी चढ़ाई पूरी हो गई। वहीं, इस वर्ष पर्वतारोहण के दौरान मौसम खराब होने से 11 पर्वतारोही अपना जान गंवा चुके हैं। नेपाली पर्यटन अधिकारी बिग्यान कोइराला ने बताया कि कामी रीता शेरपा पारंपरिक दक्षिण-पूर्व रिज मार्ग से 8,849 मीटर (29,032 फुट) की चोटी पर पहुंचे। शेरपा के लिए चढ़ाई का जुनून रखने वाली उनकी नियोक्ता सेवेन समिट ट्रेक्स कंपनी के महाप्रबंधक थानेश्वर गुरगई ने उनके साहस की प्रशंसा की। कामी रीता ने पहली बार 1994 में एवरेस्ट पर चढ़ाई की थी।

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