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सावधान: लाल रक्त कोशिका से जुड़ी तकलीफ वालों को कोरोना से अधिक खतरा

Sat, 03 Jul 2021 07:54 AM IST
Kuldeep Singh एजेंसी, वाशिंगटन

सार

  • ब्लड एडवांसेज जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने बताया है कि लाल रक्त कणिका से जुड़ी कोई तकलीफ होने पर अस्पताल में भर्ती होने का खतरा भी अधिक रहता है। अमेरिका में एससीडी की तकलीफ सामान्य है और एक लाख से अधिक लोग इससे पीड़ित हैं।
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विस्तार
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कोरोना से गंभीर तकलीफ होने का खतरा उन लोगों को भी है जिन्हें लाल रक्त कोशिका (आरबीसी) से जुड़ी तकलीफ सिकल सेल डिसीज (एससीडी) है। इससे उन्हें खतरा अधिक है जिन्हें असहनीय दर्द या पहले से अंग संबंधी तकलीफ है।

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जोड़ों में असहनीय दर्द, कोरोना का लक्षण, कोविड जांच जरूरी
ब्लड एडवांसेज जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने बताया है कि लाल रक्त कणिका से जुड़ी कोई तकलीफ होने पर अस्पताल में भर्ती होने का खतरा भी अधिक रहता है। अमेरिका में एससीडी की तकलीफ सामान्य है और एक लाख से अधिक लोग इससे पीड़ित हैं।

सीडीसी का कहना है कि काले और अफ्रीकी अमेरिकी मूल के 365 लोगों में से एक व्यक्ति इस रोग से ग्रसित होता है। 16,300 हिस्पैनिक अमेरिकी में से एक को जन्म के साथ ये तकलीफ रहती है।
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मेडिकल कॉलेज ऑफ विसकॉनि के मेडिसिन विभाग के डॉ. लाना मुकालो का कहना है कि कोरोना महामारी के बीच कोई मरीज जोड़ों में असहनीय दर्द की शिकायत के साथ आ रहा है तो उसकी कोरोना जांच जरूरी करानी चाहिए। जोड़ों में असहनीय दर्द कोरोना का लक्षण हो सकता है। एजेंसी

एससीडी में इस तरह की तकलीफ
वैज्ञानिकों के अनुसार एससीडी से ग्रसित लोगों में असहनीय दर्द, जोड़ों में दर्द, अंगों को नुकसान, स्ट्रोक का खतरा रहता है। ये तकलीफें कई तरह के संक्रमण का भी कारण हैं। एससीडी से ग्रसित लोग कोरोना संक्त्रस्मण की चपेट में आते हैं तो उन्हें अस्पताल में भर्ती होने का खतरा अधिक है। ऐसे लोगों को महामारी में अधिक सतर्क रहना होगा।

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