महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाने के लिए दुनिया भर में तैयारियां शुरू हो चुकी है लेकिन अमेरिका एक ऐसा देश है, जहां भले ही महात्मा गांधी कभी नहीं गए हों लेकिन उनके स्मारक और प्रतिमाएं यहां बड़ी संख्या में लगी हुई हैं और उनके अनुयायियों में यहां के दिग्गज नेता शामिल हैं।
हालांकि इन प्रतिमाओं और स्मारकों की संख्या को लेकर कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है लेकिन पीटीआई ने उपलब्ध स्रोतों के हवाले से जानकारी जुटाई है। यह जानकारी इस ओर संकेत करती है कि अमेरिका में महात्मा गांधी की दो दर्जन से ज्यादा से प्रतिमाएं हैं। यहां एक दर्जन से ज्यादा सोसाइटी और संगठन गांधी से जुड़े हैं।
विख्यात भारतीय अमेरिकी सुभाष राजदान ने बताया कि भारत से बाहर अमेरिका में सबसे ज्यादा महात्मा गांधी के स्मारक और प्रतिमाएं हैं।
गांधी से संबंधित पहला स्मारक केंद्र वाशिंगटन डीसी के मेरीलैंड के बेथिस्डा में स्थित गांधी मेमोरियल सेंटर (गांधी स्मृति केंद्र) में बना था। यह अब भी कार्यरत है और गांधी के विचारों और शिक्षा का प्रचार-प्रसार करने में लगा है।
वहीं दो अक्टूबर, 1986 में न्यूयॉर्क सिटी के लोकप्रिय यूनियन स्क्वायर पार्क में पहली बार गांधी की इतनी बड़ी प्रतिमा लगी थी।
अटलांटा के द गांधी फाउंडेशन ऑफ यूएसए के अध्यक्ष राजदान अमेरिका में गांधी की कई प्रतिमाओं को स्थापित करने के काम में लगे हुए हैं। उन्हें 2013 में प्रवासी भारतीय सम्मान अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।
प्रतिमाओं के अलावा अमेरिका में बड़ी संख्या में लोग गांधी के अनुयायी हैं। इसमें अश्वेत अधिकारों के लिए काम करने वाले मार्टिन लूथर जूनियर किंग शामिल हैं। वह गांधी की अहिंसा और सत्याग्रह की शिक्षाओं से काफी प्रभावित थे।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और कई अन्य नेता महात्मा गांधी के विचारों के स्वघोषित अनुयायी रहे हैं। यही वजह है कि भारत से बाहर सबसे ज्यादा संख्या में अमेरिका में गांधी की प्रतिमाएं और स्मारकें हैं।