अर्जेंटीना के राष्ट्रपति अल्बर्तो फर्नांडेज
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लैटिन अमेरिकी देश अर्जेंटीना वामपंथी सरकार ने बिजली कंपनियों का राष्ट्रीयकरण करने का फैसला किया है। पिछली दक्षिणपंथी सरकार इन कंपनियों का निजीकरण का किया था। पूर्व राष्ट्रपति मॉरीशियो मैक्री के शासनकाल में अर्जेंटीना में बड़े पैमाने पर निजीकरण की नीति लागू की गई थीं। मैक्री 2015 से 2019 तक देश के राष्ट्रपति रहे। 2019 के राष्ट्रपति चुनाव अर्जेंटीना में अल्बर्तो फर्नांडेज की जीत के साथ वामपंथी सरकार की वापसी हुई। तब से फर्नांडेज सरकार ने पूर्व सरकार के कई फैसलों को पलटा है। उनके बीच चार ताप बिजली संयंत्रों के दोबारा राष्ट्रीयकरण के उनके फैसले को सबसे अहम माना जा रहा है।
राष्ट्रपति फर्नांडेज ने उन कंपनियों के निजीकरण के फैसले को रद्द करने और कंपनियों को फिर से सरकारी नियंत्रण में लाने के आदेश पर सोमवार को दस्तखत किए। इस तरह अब डायोक्जिटेक, ट्रांसेनर, मैनुएल बेलग्रानो और सैन मार्टिन बिजली संयंत्र फिर से सरकार के स्वामित्व में आ गए हैं। इसके साथ ही बोलिविया से गैस आयात करने का मैनेजमेंट भी अब सरकार ने अपने हाथ में ले लिया है। पूर्व मैक्री सरकार ने बिजली संयंत्रों की बिक्री और सरकारी शेयरों के ट्रांसफर निजी कंपनियों को करने का फैसला किया था।
राष्ट्रपति अल्बर्तो फर्नांडेज पूर्व राष्ट्रपतियों नेस्तर किर्चनर और क्रिस्टीना किर्चनर की फ्रेंते दो तोदोस पार्टी (सबका मोर्चा) के नेता हैं। नेस्तर किर्चनर 2003 में अर्जेंटीना के राष्ट्रपति निर्वाचित हुए थे। उनके दौर में अर्जेंटीना में वामपंथी नीतियां अपनाई गईं। नेस्तर किर्चनर के कैंसर पीड़ित के बाद 2007 में उनकी पत्नी क्रिस्टीना किर्चनर राष्ट्रपति निर्वाचित हुईं। तब से 2015 तक वे राष्ट्रपति रहीं। वे भी वामपंथी नीतियों पर चलती रहीं। लेकिन उनके बाद दक्षिणपंथी नेता मैक्री राष्ट्रपति चुन लिए गए, जिन्होंने किर्चनर के शासनकाल की ज्यादातर नीतियों से देश को अलग कर लिया। 2019 में राष्ट्रपति बनने के बाद अल्बर्तो फर्नांडेज की सरकार ने मैक्री के जमाने में अपनाई गई कई नीतियों को पलटा है। साथ ही उसने देश में कई प्रगतिशील कदम भी उठाए हैं।
पिछले दिसंबर में फर्नांडेज सरकार ने देश में गर्भपात को कानूनी मान्यता देने का बिल पारित कराया था। लैटिन अमेरिका में ऐसा कदम उठाने वाली वह पहली सरकार बनी। अर्जेंटीना की छवि कट्टर कैथोलिक देश की रही है। गर्भपात कैथोलिक मान्यता के खिलाफ है। लेकिन तीखी बहस के बाद फर्नांडेज सरकार इसे कानूनी मान्यता देने में सफल रही। उससे महिलाओं के बीच फर्नांडेज सरकार की लोकप्रियता बढ़ी है।
लेकिन पर्यवेक्षकों का कहना है कि निजीकरण के फैसले को पलटने के कारण अर्जेंटीना का अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ टकराव खड़ा हो सकता है। मैक्री के दौर में अर्जेंटीना आईएमएफ से काफी कर्ज लिया। निजीकरण और मुक्त बाजार की शर्तें आईएमएफ के कर्ज का हिस्सा थीं। अर्जेंटीना की वित्तीय स्थिति आज भी अच्छी नहीं है। कोरोना महामारी की भी बड़ी मार अर्जेंटीना पर पड़ी है। इसके बीच आईएमएफ से टकराव से देश की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
इस बीच एक ताजा फैसले का एक मतलब बोलिविया की वामपंथी सरकार से अर्जेंटीना के रिश्तों को मजबूत करना भी है। राष्ट्रपति फर्नांडेज ने आदेश जारी किया है कि बोलिविया से प्राकृतिक गैस खरीदने के लिए धन राष्ट्रीय कोष से दिया जाएगा। इसके लिए 20 करोड़ डॉलर आवंटित किए गए हैँ। मैक्री सरकार ने बोलिविया से प्राकृतिक गैस की खरीदारी रोक दी थी। लेकिन अब फर्नांडेज सरकार ने लैटिन अमेरिका की वामपंथी सरकारों से रिश्ते प्रगाढ़ करने की कोशिश में खरीदारी फिर शुरू करने का फैसला किया है।