पूर्वी थाईलैंड में एक पुलिस अफसर ने अपनी पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी। पत्नी एक किंडरगार्टन में टीचर थी। घटना के बाद अफसर ने अधिकारियों के साथ रात भर चले गतिरोध के बाद गुरुवार को सरेंडर कर दिया। यह जानकारी अधिकारियों ने दी है।
क्या है पूरा मामला?
प्रांतीय सरकार के अनुसार, चोनबुरी प्रांत के बांग लमुंग स्टेशन के अफसर ततसापोंग टोंगथैट ने बुधवार सुबह राजधानी बैंकॉक से लगभग 150 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित नोंगप्लालाई म्युनिसिपल किंडरगार्टन की एक इमारत के अंदर अपनी पत्नी की कथित तौर पर हत्या कर दी।
अधिकारियों ने क्या बताया?
अधिकारियों ने बताया कि गोलीबारी के बाद वह अपने घर भाग गया और पुलिस ने घर को घेर लिया। वह 18 घंटे तक चले गतिरोध के बाद सरेंडर करने तक घर के अंदर ही रहा। गोलीबारी के बाद स्कूल के सभी 44 छात्र सुरक्षित रहे। उन्हें अन्य शिक्षकों के साथ बाहर निकाल लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से शुक्रवार तक कक्षाएं बंद कर दी गईं।
बंदूक हिंसा पर क्यों सवाल उठ रहे हैं?
थाईलैंड में स्कूल की सुरक्षा और बंदूक हिंसा पर तब से सवाल उठ रहे हैं, जब 7 अगस्त को 14 साल के एक लड़के ने अपने हाई स्कूल और घर पर गोलीबारी की थी। इसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी। 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे, जिसके बाद उसने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी।
बैंकॉक से 200 किलोमीटर (120 मील) उत्तर में स्थित कम्फेंग फेट प्रांत में 2 सितंबर को एक और 14 वर्षीय छात्र को गिरफ्तार किया गया। उसने अपने स्कूल में कई राउंड गोलियां चलाईं, लेकिन किसी को घायल करने में नाकाम रहा।
बंदूक पर नियंत्रण की मांग तेज
बंदूक पर कड़े नियंत्रण की मांग तेज हो गई है और राष्ट्रीय सरकार ने बंदूक से जुड़े नियमों की समीक्षा का आदेश दिया है। इसमें बंदूक खरीदने के लिए नए परमिट पर रोक और मौजूदा परमिट की समीक्षा शामिल है।
बंदूक से जुड़े कड़े कानूनों के बावजूद, एशिया में बंदूक रखने वालों की दर थाईलैंड में सबसे ज्यादा है। हालांकि बड़े पैमाने पर गोलीबारी की घटनाएं अभी भी कम होती हैं, लेकिन हाल के वर्षों में थाईलैंड में हाई-प्रोफाइल हमलों में बढ़ोतरी देखी गई है।