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Thailand: वरिष्ठ राजनेता अनुतिन के अगले प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ, संसद के निचले सदन में मिला बहुमत

Fri, 05 Sep 2025 02:59 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बैंकॉक।

सार

Thailand: थाईलैंड में आज नया प्रधानमंत्री चुनने के लिए संसद में मतदान किया गया, जिसमें भूमजैथाई पार्टी के अनुतिन चार्नवीराकुल जीत हासिल की है। फ्यू थाई पार्टी की पिछली दो महिला प्रधानमंत्री नैतिकता के उल्लंघन के आरोपों में हटाई जा चुकी थीं। मतदान से पहले भूमजैथाई पार्टी का कहा था कि अगर अनुतिन प्रधानमंत्री बनते हैं तो उनकी सरकार चार महीने में संसद भंग कर नए चुनाव कराएगी।
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अनुतिन चार्नविराकुल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/आधिकारिक वेबसाइट/थाइलैंड सरकार
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विस्तार
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अनुभवी राजनेता अनुतिन चार्नविराकुल का थाईलैंड का अगला प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है। संसद में शुक्रवार को हुए मतदान में उन्हें जीत मिली है। 
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टेलीविजन पर प्रसारित मतगणना के अनुसार, भुमजैथाई पार्टी के नेता अनुतिन ने 492 सदस्यों वाली प्रतिनिधि सभा में से 247 से ज्यादा वोट हासिल किए। यह आंकड़ा उनके अगले प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ करता है। उन्हें कुल कितने वोट मिले, मतदान पूरा होने के बाद ही प्रमाणित किया जाएगा। उन्हें और उनकी सरकार को कुछ दिनों में राजा महा वजिरालोंगकोर्न से औपचारिक नियुक्ति मिलने के बाद पदभार ग्रहण करना होगा।

प्रधानमंत्री के पद से हटाई गईं थी शिनावात्रा
अनुतिन, पैटोंगटर्न शिनावात्रा के बाद देश के अगले प्रधानमंत्री बनेंगे। पिछले हफ्ते थाईलैंड की सांविधानिक अदालत ने फ्यू थाई पार्टी की नेता पैटोंगटार्न शिनावात्रा को प्रधानमंत्री पद से हटा दिया। उन पर आरोप था कि उन्होंने कंडोबिया के सीनेट अध्यक्ष हुन सेन से फोन पर बात की थी। यह बातचीत ऐसे समय में हुई थी, जब थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा को लेकर विवाद चल रहा था। इसे राजनीतिक नैतिकता के नियमों का उल्लंघन माना गया। यह सीमा विवाद जुलाई में पांच दिन तक चला था। बाद में यह खूनी संघर्ष में बदल गया था।  
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पूर्व न्याय मंत्री नीतिसीरी को उम्मीदवार बनाएगी फ्यू थाई पार्टी
अंतरिम सरकार चला रही फ्यू थाई पार्टी ने मंगलवार को संसद भंग करने की कोशिश की। लेकिन कार्यवाहक प्रधानमंत्री ने बताया था कि राजा के सलाहकारों की एक विशेष समिति ने इस अनुरोध को अस्वीकार कर दिया। गुरुवार को फ्यू थाई पार्टी ने घोषणा की थी कि वह पूर्व अटॉर्नी जनरल और पूर्व न्याय मंत्री चायकासेम नीतिसीरी को प्रधानमंत्री पद के लिए नामित करेगी। चायकासेम ने कहा था कि अगर वह चुने जाते हैं, तो संसद में शपथ लेने के बाद तुरंत संसद भंग कर देंगे।

अनुतिन चार्नवीराकुल कौन हैं?
मतदान से पहले अनुतिन ने कहा था कि उन्हें अपनी और सहयोगी पार्टी के 289 सांसदों का समर्थन मिल रहा है। पीपुल्स पार्टी ने भी कहा था कि उसके 143 सांसद अनुतिन को वोट देंगे। इस तरह अनुतिन को 492 सांसदों में से बहुतम के लिए जरूरी 247 से ज्यादा वोट मिलने की संभावना होगी। अनुतिन पहले फ्यू थाई गठबंधन सरकार में मंत्री रह चुके हैं, जो 2023 में सत्ता में आई थी और जुलाई तक बनी रही। उससे पहले वह पूर्व प्रधानमंत्री प्रयुत चान-ओ-चा की सेना समर्थित सरकार में भी शामिल थे। उन्हें गांजा को अपराध की श्रेणी से बाहर करवाने के लिए सबसे ज्यादा जाना जाता है। कोरोना महामारी के दौरान अनुतिन स्वास्थ्य मंत्री थे। उस समय उन्हें वैक्सीन की पर्याप्त आपूर्ति न करने को लेकर आलोचना झेलनी पड़ी थी।  

चार महीने में संसद भंग कर चुनाव कराएंगे: भूमजैथाई पार्टी
उनकी पार्टी का दावा है कि अगर अनुतिन प्रधानमंत्री बनते हैं तो वह चार महीनों के भीतर संसद भंग करके आम चुनाव कराएंगे। यह शर्त उन्होंने पीपुल्स पार्टी से समर्थन हासिल करने के बदले में रखी है। हालांकि, पीपुल्स पार्टी के नेता नत्ताफोंग रुएनपान्यावुत ने कहा कि उनकी पार्टी विपक्ष में ही रहेगी। इसका मतलब है कि अनुतिन की सरकार अल्पमत वाली बन सकती है। पीपुल्स पार्टी ने यह भी कहा कि अगर अनुतिन प्रधानमंत्री बनते हैं, तो उन्हें संविधान में बदलाव को लेकर जनमत संग्रह कराना होगा, जिसमें एक चुनी हुई संविधान सभा संविधान का नया मसौदा तैयार करेगी। .

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पीपुल्स पार्टी की उम्मीदवारी को नहीं मिली थी मंजूरी
पीपुल्स पार्टी (जिसे पहले 'मूव फॉरवर्ड पार्टी' कहा जाता था) 2023 के चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, लेकिन उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया गया क्योंकि प्रतिनिधि सभा और सीनेट की संयुक्त बैठक में उनकी प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी को मंजूरी नहीं मिली। सीनेट के सदस्य सैन्य सरकार ने नियुक्त किए थे। यानी उन्हें जनता ने नहीं चुना था। ये लोग राजा और राजशाही की रुढ़िवादी व्यवस्था का समर्थन करते थे, उन्होंने मूव फॉरवर्ड पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार को यह कहते हुए खारिज किया था कि वह राजशाही से जुड़ी नीति को आगे बढ़ाना चाहते हैं। 
  
नैतिकता उल्लंघन के आरोप में हटाई गईं दो प्रधानमंत्री
अब सीनेट के पास प्रधानमंत्री चुनने के लिए वोट डालने का अधिकार नहीं है। जब मूव फॉरवर्ड पार्टी सत्ता में नहीं आ सकी, तो फ्यू थाई पार्टी ने अपने उम्मीदवार रियल एस्टेट कारोबारी स्रेत्ता थाविसिन को प्रधानमंत्री बनवाया, जिन्होंने गठबंधन सरकार चलाई। लेकिन वह भी सिर्फ एक साल ही टिक सके और फिर उन्हें अदालत ने नैतिकता के उल्लंघन के चलते पद से हटा दिया। स्रेत्ता के बाद प्रधानमंत्री बनीं पैतोंगटार्न (जो कि पूर्व प्रधानमंत्री थक्सिन शिनावात्रा की बेटी हैं) भी एक साल में ही पद से हटा दी गईं। इसके पहले ही उनकी सरकार कमजोर हो गई थी क्योंकि अनुतिन की पार्टी ने जून में हुन सेन से फोन पर बातचीत को लेकर विवाद के बाद गठबंधन से अलग हो गई थी। भूमजैथाई पार्टी के गठबंधन से हट जाने के बाद फ्यू थाई की सरकार संसद में बहुत कमजोर हो गई थी और उनका बहुमत लगभग खत्म हो गया था।

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