अमेरिका के टेक्सास शहर में आए विनाशकारी बाढ़ की जांच शुरू हो गई है। इस मामले में समय पर चेतावनी न मिलने पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, बाढ़ के बाद एक समय में 170 से ज्यादा लोग लापता थे। अब भी तीन लोगों की तलाश जारी है। राहत और पुनर्वास के लिए बिल दाखिल किए जा चुके हैं, जिसमें बेहतर चेतावनी प्रणाली और आपातकालीन संचार व्यवस्था की बात कही गई है।
टेक्सास में 4 जुलाई को आई विनाशकारी बाढ़ में कम से कम 135 लोगों की मौत के बाद बुधवार को राज्य के सांसदों ने इसकी जांच शुरू कर दी है। खास तौर पर ग्वाडालूप नदी के किनारे रहने वाले लोगों को समय पर चेतावनी क्यों नहीं दी गई, इस पर सवाल उठ रहे हैं। यह बाढ़ टेक्सास हिल कंट्री में आई थी और सबसे ज्यादा नुकसान केर काउंटी में हुआ, जहां कैंप मिस्टिक नाम के एक ईसाई ग्रीष्मकालीन शिविर में 27 बच्चों समेत कई लोगों की मौत हो गई। इस क्षेत्र में अब तक नदी किनारे कोई चेतावनी तंत्र नहीं है, जबकि राज्य और स्थानीय एजेंसियों के पास इसे बनाने के कई मौके थे।
जांच और सियासत साथ-साथ
राज्य विधानसभा का विशेष 30 दिन का सत्र चल रहा है, जिसमें बाढ़ राहत और चेतावनी प्रणाली पर चर्चा हो रही है। लेकिन इसके साथ ही रिपब्लिकन पार्टी द्वारा 2026 चुनावों को ध्यान में रखते हुए अमेरिकी हाउस सीटों का पुनर्निर्धारण करने का मुद्दा भी सत्र में शामिल है, जिससे सियासी तनाव बढ़ गया है।
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डेमोक्रेट्स की चेतावनी और विरोध
डेमोक्रेट पार्टी चाहती है कि पहले बाढ़ राहत और चेतावनी प्रणाली के मुद्दों को निपटाया जाए, फिर अन्य मामलों पर चर्चा हो। उन्होंने वोटिंग से पहले वॉकआउट करने का संकेत भी दिया है, ताकि राजनीतिक लाभ के लिए सीटों के पुनर्निर्धारण को रोका जा सके। मामले में सोमवार को डेमोक्रेट सांसदों ने स्पीकर को चिट्ठी लिखकर साफ किया कि वे तब तक कोई और काम नहीं करेंगे जब तक बाढ़ राहत को प्राथमिकता नहीं दी जाती।
रिपब्लिकन की सख्ती
चूंकि दोनों सदनों में रिपब्लिकन पार्टी बहुमत में है, इसलिए डेमोक्रेट्स के पास विरोध के सीमित रास्ते हैं। अटॉर्नी जनरल केन पैक्सटन ने वॉकआउट करने वाले विधायकों की गिरफ्तारी तक की चेतावनी दी है। इसके अलावा गैरहाजिर रहने पर विधायकों पर हर दिन 500 डॉलर का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। जानकारी के मुताबिक, सांसदों की एक टीम 31 जुलाई को सबसे प्रभावित क्षेत्र केरविल का दौरा करेगी और स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी बात सुनेगी।