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अंडरवियर से मिट्टी की जांच: मच्छर की सूंड से बनाई नोजल; ऐसे शोध जिन्होंने हंसाया, फिर सोचने पर किया मजबूर

Sun, 06 Sep 2026 09:39 AM IST
प्रशांत तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

2026 के इग नोबेल पुरस्कारों में ऐसे अनोखे वैज्ञानिक शोधों को सम्मानित किया गया, जिनके विषय पहली नजर में हास्यास्पद लगते हैं, लेकिन उनके पीछे गंभीर वैज्ञानिक सवाल छिपे हैं। इनमें मिट्टी की सेहत जांचने के लिए जमीन में अंडरवियर दबाने, चुंबन की वैज्ञानिक परिभाषा तय करने, शौचालय के छींटे कम करने और मच्छर की सूंड को 3-डी प्रिंटिंग की नोजल के रूप में इस्तेमाल करने जैसे प्रयोग शामिल हैं।
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स्विटजरलैंड में वैज्ञानिकों का सम्मान - फोटो : अमर उजाला प्रिंट-ग्राफिक्स
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विस्तार
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वैज्ञानिक अंतरिक्ष, बीमारियों और जलवायु पर शोध करते हैं, यह तो आम बात है। लेकिन क्या मिट्टी की सेहत जांचने के लिए अंडरवियर जमीन में दबाया जा सकता है? क्या मूत्रालय में पड़ने वाले छींटों को भी विज्ञान की मदद से रोका जा सकता है? और क्या चींटियां भी चुंबन करती हैं? सुनने में ये सवाल भले ही मजाक जैसे लगें, लेकिन इनके जवाब तलाशने के पीछे बाकायदा वैज्ञानिक तर्क और गंभीर शोध छिपा है। ऐसे ही अनोखे और दिलचस्प शोधों को 2026 के इग नोबेल पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।

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शोध जो सोचने पर करते हैं मजबूर
स्प्रिंगर नेचर की रिपोर्ट के मुताबिक, स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में 3 सितंबर को आयोजित समारोह में ऐसे शोधों को सम्मानित किया गया, जो पहले हंसाते हैं और फिर लोगों को उनके पीछे छिपे वैज्ञानिक सवालों पर सोचने के लिए मजबूर करते हैं। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय की मटिल्डा ब्रिंडल और उनके सहयोगियों को जैव-यांत्रिकी का पुरस्कार चुंबन की वैज्ञानिक परिभाषा तैयार करने के लिए मिला। वैज्ञानिकों के मुताबिक, चुंबन की परिभाषा में दो जीवों के मुंह का आपस में संपर्क होना चाहिए और उनके होंठ या मुखांगों में कुछ हलचल भी होनी चाहिए। इस परिभाषा ने कई जानवरों को भी 'चुंबन' करने वाले जीवों की सूची में शामिल कर दिया।

एक हजार अंडरवियर से मिट्टी की सेहत की जांच
मृदा विज्ञान का पुरस्कार उस प्रयोग को मिला, जिसमें 25 से अधिक देशों में एक हजार जोड़ी अंडरवियर मिट्टी में दबाई गईं। करीब दो महीने बाद इन्हें जमीन से बाहर निकालकर देखा गया कि कपड़ा कितना टूट चुका है। यह प्रयोग सुनने में जितना मजेदार लगता है, इसका मकसद उतना ही गंभीर था। मिट्टी में मौजूद सूक्ष्मजीव कपड़े के प्राकृतिक रेशों को तोड़ते हैं। ऐसे में अंडरवियर कितनी तेजी से गलता है, उससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि मिट्टी में जैविक गतिविधि कितनी है। कपड़े के टूटने की गति पर इस बात का भी खास असर पड़ता है कि संबंधित भूमि का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है।
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शौचालय में तरल के उछलने की वजह भी बनी शोध का विषय
भौतिकी के पुरस्कार में वैज्ञानिकों ने यह समझने की कोशिश की कि शौचालय में तरल किसी सतह से टकराने के बाद वापस क्यों उछलता है। इसके लिए किए गए प्रयोगों के आधार पर ऐसी डिजाइन सुझाई गई, जिससे सामान्य स्थिति की तुलना में छींटों को लगभग 1.4 प्रतिशत तक कम किया जा सके।

मच्छर की सूंड बनी 3-डी प्रिंटिंग की बारीक नोजल
प्रौद्योगिकी का पुरस्कार उस प्रयोग को मिला, जिसमें मच्छर की सूंड को 3-डी प्रिंटिंग के लिए बेहद बारीक नोजल के रूप में इस्तेमाल करने की संभावना पर काम किया गया। मच्छर की सूंड की बेहद महीन और जटिल संरचना ने वैज्ञानिकों को तकनीक के एक नए इस्तेमाल के बारे में सोचने का आधार दिया।

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संपन्न लोगों के व्यवहार पर भी हुआ शोध
अर्थशास्त्र का पुरस्कार उस शोध को मिला, जिसमें संपन्न लोगों के व्यवहार का अध्ययन किया गया। इस शोध ने यह समझने की कोशिश की कि आर्थिक रूप से संपन्न लोगों का व्यवहार और उनकी गतिविधियां किस तरह अध्ययन का विषय बन सकती हैं।

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