आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे का समर्थन किया है। जैश के संस्थापक मौलाना मसूद अजहर ने अमेरिका समर्थित अफगान सरकार के गिरने पर खुशी जताई है। 16 अगस्त को ‘मंजिल की तरफ’ शीर्षक से लिखे आर्टिकल में मसूद ने अफगानिस्तान में मुजाहिदीनों की जीत पर ऊपरवाले का शुक्रिया अदा किया।
इस लेख में मसूद ने यह भी दावा किया है कि अफगानिस्तान के एक या दो प्रांतों में प्रमुख या उप प्रमुख की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद को दी जा सकती है। लेख में जैश के सदस्यों को भविष्य में कश्मीर के लिए तैयार रहने को कहा गया है। इससे पहले अलकायदा की यमन ब्रांच भी तालिबान की जीत पर बधाई दे चुकी है। साथ ही उसने सैन्य अभियानों को जारी रखने को कहा था। इस बीच विशेषज्ञों ने इस बात को लेकर चिंता जाहिर की है कि अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद तालिबान आतंकवाद को पनाह दे सकता है।
हक्कानी ने किया खोस्त इलाके का दौरा
बीते कुछ महीनों से भीषण हिंसा के दौर के बाद तालिबान ने 20 साल बाद एक बार फिर अफगानिस्तान की सत्ता हासिल की है। इसके बाद अफगानिस्तान के खोस्त इलाके का शुक्रवार को तालिबानी नेता अनस हक्कानी ने दौरा किया। यहां पर अनस हक्कानी ने ट्राइबल नेताओं से मुलाकात की और भरोसा दिया कि उनकी हर समस्या को दूर किया जाएगा।
सड़कों पर उतरी जनता
इस बीच मुल्क के अलग-अलग हिस्सों में सड़कों पर जनता ने तालिबान का विरोध करना शुरू कर दिया है। अफगानिस्तान के पंजशीर इलाकों में तालिबान के खिलाफ लड़ने के लिए पूर्व सैनिकों ने मोर्चा संभालना शुरू कर दिया है। इन सभी की अगुवाई अहमद मसूद कर रहे हैं, जो कि तालिबानियों को मात दे चुके अहमद शाह मसूद के बेटे हैं।