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इमरान के अमेरिका दौरे से पहले आतंकी हाफिज सईद गिरफ्तार, भेजा गया जेल

Wed, 17 Jul 2019 05:22 PM IST
शिल्पा ठाकुर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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आतंकी हाफिज सईद - फोटो : ANI
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मुंबई आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड और जमात-उद-दावा (जेयूडी) सरगना हाफिज सईद को आतंकवाद रोधी विभाग (सीटीडी) ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि सईद आतंकवाद रोधी अदालत में पेश होने के लिए लाहौर से गुजरांवाला आया था तभी उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके खिलाफ कई मामले लंबित हैं।

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बताया जा रहा है कि उसे एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है। सईद के नेतृत्व वाला जेयूडी लश्कर-ए-तैयबा का ही संगठन है जो 2008 मुंबई हमलों के लिए जिम्मेदार है। इस हमले में 166 लोग मारे गए थे।

अमेरिका के वित्त विभाग ने सईद को आतंकवादी सूची में डाल रखा है और अमेरिका ने 2012 से ही सईद को सजा दिलाने के लिए सूचना देने के वास्ते एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित कर रखा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय के दबाव में पाकिस्तानी अधिकारियों ने जेयूडी और लश्कर-ए-तैयबा के ठिकानों और आतंकवाद के वित्त पोषण के वास्ते निधि जुटाने के लिए ट्रस्टों के इस्तेमाल के मामलों की जांच शुरू की है।

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 भारतीय विदेश मामलों के जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान ने ये कदम अमेरिका को ध्यान में रखते हुए उठाया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान 21 जुलाई को अमेरिका के तीन दिवसीय दौरे पर जा रहे हैं। अमेरिका शुरू से ही आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान के प्रति कड़ा रुख रखते आया है। 





यही कारण है पाकिस्तान ने ये गिरफ्तारी की है। पाकिस्तान नहीं चाहता कि अमेरिकी दौरे के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आतंकवाद को लेकर इमरान खान से कुछ भी कहें। 

भारत के विरुद्ध इस संगठन ने कई हमले किए हैं। शुरू में इस संगठन का उद्देश्य अफगानिस्तान से सोवियत सैनिकों को बाहर निकालना था लेकिन अब इस संगठन का उद्देश्य कश्मीर को भारत से अलग करना है।

इस मामले पर मुंबई 26/11 हमले के सरकारी वकील उज्जवल निकम का कहना है, पाकिस्तान दुनिया को बेवकूफ बना रहा है कि उसने सईद को गिरफ्तार कर लिया है। अब हमें ये देखना है कि वह कैसे कोर्ट में सबूत पेश करता है और सईद को दोषी ठहराने के लिए क्या प्रयास करता है, अन्यथा ये ड्रामा है।

मुंबई हमले का गुनाहगार

हाफिज सईद के संगठन का नाम साल 2008 में हुए मुंबई हमले में भी आया था लेकिन बाद में इस संगठन ने इस आरोप को ये कहते हुए खारिज कर दिया कि वह कश्मीर के बाहर अपनी कार्रवाई नहीं करता। ये संगठन पाकिस्तानी सेना और सरकार पर भी कई हमले कर चुका है।

लाल किले पर हमला

साल 2002 में इस संगठन के उग्रवादियों ने दिल्ली के लाल किले पर हमला कर दिया था। इसके बाद 2001 में श्रीनगर हवाई अड्डे पर आतंकवादी हमले और अप्रैल 2001 में सीमा सुरक्षाबल के जवानों की हत्या के पीछे भी यही संगठन जिम्मेदार था।
 

नए नाम से हुआ सक्रिय

पहले तो ये संगठन अपने किए सभी हमलों की जिम्मेदारी लेता था लेकिन बाद में इसने हमलों की जिम्मेदारी लेना भी बंद कर दिया। ये संगठन बाद में जमात-उद-दावा नाम से सक्रिय हो गया।

समूचे दक्षिण एशिया को कट्टरपंथी बनाने का उद्देश्य

यह संगठन समूचे दक्षिण एशिया को कट्टरपंथी बनाने में यकीन रखता है। सऊदी अरब की मदद से चलने वाले इस संगठन ने साल 2000-2001 में भारत में कई आतंकी हमले किए हैं। इस संगठन को सितंबर 2001 में अमेरिका पर हुए हमले के बाद तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने प्रतिबंधित कर दिया था। वहीं इसके नेताओं की गतिविधियों को भी सीमित कर दिया गया था। साल 2005 में कश्मीर में भूकंप आने के बाद दान मांगने के नाम पर इस संगठन को फिर से सक्रिय होने का मौका मिल गया। 
 

इंजीनियरिंग का प्रोफेसर हाफिज

ये जानकर हैरानी होगी की आतंकवादी हाफिज सईद पढ़ा लिखा है और लाहौर विश्विविद्यालय में इंजीनियरिंग का प्रोफेसर रह चुका है। उसने 1987 में इस संगठन की स्थापना की थी। ये संगठन खुद को वहाबी इस्लाम के आदर्श का अनुयायी मानता है।

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