इस्राइल के स्वतंत्रता दिवस पर मुख्य रूप से अति-रूढ़िवादी शहर एलाद में फलस्तीन के दो आतंकी हमलावरों ने कुल्हाड़ी चलाकर और छुरा घोंपकर तीन लोगों को मौत के घाट उतार डाला। इस घटनाक्रम में चार अन्य घायल हो गए हैं। बताया गया कि एक आतंकी के हाथ में कुल्हाड़ी और दूसरे के हाथ में छुरा या कुल्हाड़ी थी।
उन्होंने स्थानीय पार्क में स्वतंत्रता दिवस मना रहे लोगों पर कुल्हाड़ी से लोगों पर वार शुरू कर दिए। बताया गया कि हमले के बाद दोनों हमलावर एक वाहन में सवार होकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने हमलावरों की तलाश के लिए व्यापक अभियान शुरू किया है। इसके तहत सड़कों पर अवरोधक लगाए गए हैं और एक हेलिकॉप्टर भी तैनात किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, बृहस्पतिवार की रात छुरा घोंपने की पिछले 45 दिनों में यह सातवीं घटना है। इस तरह के हमलों में मरने वालों की संख्या 19 हो गई है। इस्राइली पुलिस ने हमलावरों की पहचान 19 वर्षीय असद अल-रफानी और 20 वर्षीय सबी अबू शाकिर के रूप में की है। घटना की आतंकी संगठन हमास ने प्रशंसा की है।
हमले की कीमत चुकानी होगी : बेनेट
इस्राइली प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने कहा, हम आतंकवादियों और उनके सहयोगियों को बहुत जल्द पकड़ लेंगे। उन्हें इस हमले की कीमत चुकानी होगी। जबकि रक्षामंत्री बेनी गैंट्ज ने वेस्ट बैंक क्षेत्र को बंद करने का आदेश दिया, ताकि फलस्तीनियों का इस्राइल में प्रवेश रुक जाए। इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे जघन्य बताया। कहा, यह हमला ऐसे वक्त में किया गया जब इस्राइल स्वतंत्रता दिवस मना रहा था।
धार्मिक स्थल को लेकर विवाद
येरूशलम के संवेदनशील धार्मिक स्थल अल-अक्सा मस्जिद परिसर में और उसके आसपास हाल ही में फलस्तीनियों के साथ इस्राइल पुलिस की झड़प के बाद दोनों के बीच तनाव चरम पर है। अल-अक्सा मस्जिद को इस्लाम का तीसरा सबसे पवित्र स्थल माना जाता है। यह यहूदियों का सबसे पवित्र स्थल भी है, जिसे समुदाय के लोग ‘टेंपल माउंट’ कहकर पुकारते हैं। यह मस्जिद लंबे समय से इजराइल-फलस्तीन के बीच विवाद का केंद्र रही है।