फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UK: तीन स्कूली छात्राओं की चाकू से हत्या करने वाले किशोर को आजीवन कारावास, 52 साल की हो सकती है सजा

Fri, 24 Jan 2025 02:31 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

हमले के दौरान एक्सल 17 वर्ष का था। उसने साउथपोर्ट के हार्ट स्पेस में योग प्रशिक्षक लीन लुकास और व्यवसायी जॉन हेस के साथ सात से 13 वर्षीय आठ अन्य बच्चों की हत्या का प्रयास करने की बात भी स्वीकार की। 
 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ब्रिटेन के लिवरपूल क्राउन कोर्ट ने बृहस्पतिवार को 18 वर्षीय एक्सल रुदाकुबाना को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जिसमें पैरोल पर विचार किए जाने से पहले न्यूनतम 52 वर्ष की सजा हो सकती है। एक्सल ने उत्तर-पश्चिम इंग्लैंड के साउथपोर्ट में टेलर स्विफ्ट थीम पर आधारित योग और नृत्यशाला में तीन स्कूली छात्राओं की हत्या कर दी थी। उसने जुलाई 2024 में, छात्राओं की हत्या का दोष स्वीकार किया था। 

विज्ञापन


हमले के दौरान एक्सल 17 वर्ष का था। उसने साउथपोर्ट के हार्ट स्पेस में योग प्रशिक्षक लीन लुकास और व्यवसायी जॉन हेस के साथ सात से 13 वर्षीय आठ अन्य बच्चों की हत्या का प्रयास करने की बात भी स्वीकार की। 

सजा की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति जूलियन गूज ने कहा कि यदि एक्सल हमले के समय 18 वर्ष का होता तो उसे आजीवन कारावास की सजा मिलती- जिसका अर्थ यह होता कि उसे रिहा किए जाने की कोई संभावना नहीं होती। जस्टिस गूज ने कहा, 'उसे अपनी पूरी जिंदगी हिरासत में बितानी पड़ सकती है। मुझे लगता है कि उसे कभी रिहा नहीं किया जाएगा।'
विज्ञापन


एक्सल की अनुपस्थिति में सुनाई गई सजा
बृहस्पतिवार को, अदालती कार्यवाही में बाधा डालने के कारण एक्सल को कोर्ट रूम से बाहर निकाल दिया गया, और उसके अनुपस्थिति में सजा सुनाई गई। सजा सुनाते हुए जज ने कहा कि एक्सल ' चौकाने वाला और असाधारण रूप से गंभीर अपराध' का दोषी है। 

मासूम लड़कियों की हत्या करना चाहता था एक्सल
जज ने कहा, 'एक्सल मासूम लड़कियों की हत्या करना चाहता था। लगभग 15 मिनट में उसने तीन लड़कियों को मार दिया और आठ और को मारने का प्रयास किया। यह बेहद हिंसक था, जिसे समझना मुश्किल है कि ऐसा क्यों किया गया। मुझे यकीन है कि रुदाकुबाना के पास हत्या करने का एक दृढ़ इरादा था और उसने सभी 26 बच्चों को मार डाला होता।'

रुदाकुबाना की हरकतें आतंकवादी हत्याओं के समान: जज
जज ने आगे कहा कि अभियोजन पक्ष ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कानूनन यह मामला आतंकवाद के अंतर्गत नहीं आता, लेकिन रुदाकुबाना की हरकतें आतंकवादी हत्याओं के समान हैं, चाहे उसका उद्देश्य कुछ भी हो। जज ने कहा कि 29 जुलाई 2024 को, उसने जो किया, उससे पूरे देश में हिंसा फैल गई। 

पहले भी आतंकवादी दस्तावेज के कब्जे का दोषी रहा है रुदाकुबाना
रुदाकुबाना, जो उत्तर-पश्चिम इंग्लैंड के लंकाशायर में स्थित रवांडा विरासत के परिवार में वेल्श की राजधानी कार्डिफ में जन्मा था, पहले भी एक आतंकवादी दस्तावेज के कब्जे का दोषी रहा है। हालांकि, क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (सीपीएस) ने कहा कि उसकी कार्रवाइयों का किसी राजनीतिक या धार्मिक विचारधारा से कोई संबंध नहीं था। मर्सीसाइड पुलिस की मुख्य कांस्टेबल सेरेना कैनेडी ने कहा कि रुदाकुबाना की मंशा केवल सबसे कमजोर लोगों को मारने और भय फैलाने की थी।

अदालत ने हमले से प्रभावित परिवारों की गवाही भी सुनी
अदालत ने हमले से प्रभावित परिवारों की दर्दनाक गवाही भी सुनी, जिनमें डांस स्टूडियो में मारी गईं तीन लड़कियां- एलिस दा सिल्वा अगुइर (9), बेबे किंग (6) और एल्सी डॉट स्टैनकॉम्ब (7) के परिवार शामिल थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें