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गुरु-शिष्य का रिश्ता शर्मसार: नाबालिग बच्चियों का वीडियो बनाने वाले कोच को 90 साल की सजा, क्या है पूरा मामला?

Thu, 15 Oct 2026 09:15 AM IST
प्रशांत तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

नाबालिग जिम्नास्ट खिलाड़ियों के अश्लील वीडियो बनाने के मामले में अमेरिकी पूर्व कोच सीन गार्डनर को 90 साल जेल की सजा मिली है। उस पर आयोवा में यौन शोषण के आरोप भी हैं। मामले में खेल संगठनों की भूमिका और शिकायतों पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

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अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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अमेरिका में नाबालिग जिम्नास्ट खिलाड़ियों की निजता से खिलवाड़ करने वाले पूर्व कोच सीन गार्डनर को 90 साल जेल की सजा सुनाई गई है। उसने मिसिसिपी के एक जिम के बाथरूम में जासूसी कैमरा लगाकर लड़कियों के कपड़े बदलने और बाथरूम इस्तेमाल करने के वीडियो बनाए थे। बुधवार को अमेरिकी जिला अदालत की जज क्रिस्टी जॉनसन ने उसे अधिकतम सजा सुनाई। 39 वर्षीय गार्डनर को तीन मामलों में 30-30 साल की कैद दी गई है।

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बाथरूम में कैमरा लगाकर बनाए वीडियो
गार्डनर ने अदालत में अपना जुर्म कबूल कर लिया था। उसने दिसंबर 2017 से अप्रैल 2018 के बीच मिसिसिपी के प्यूरीस स्थित जिम्नास्टिक्स स्टूडियो के बाथरूम में जासूसी कैमरा लगाया था। जांचकर्ताओं के मुताबिक, उसने कम से कम 10 नाबालिग लड़कियों के नग्न होने और कपड़े बदलने के वीडियो बनाए। ये वीडियो कई साल बाद उसके कंप्यूटर से बरामद हुए थे।

आयोवा में भी लगे यौन शोषण के आरोप
गार्डनर आयोवा के वेस्ट डेस मोइनेस स्थित चाउज जिम्नास्टिक्स एंड डांस इंस्टीट्यूट में भी कोच रह चुका था। वहां प्रशिक्षण लेने वाली कई पूर्व छात्राओं ने उस पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। इन आरोपों को लेकर पुलिस में शिकायतें की गईं और अदालत में मुकदमे भी दायर हुए हैं। हालांकि, आयोवा से जुड़े आरोपों में गार्डनर पर अब तक आपराधिक मामला दर्ज नहीं हुआ है। पुलिस का कहना है कि संघीय मामला खत्म होने के बाद आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।
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खेल संगठनों की भूमिका पर उठे सवाल
गार्डनर मशहूर कोच लियांग 'चाउ' चियाओ के संस्थान में काम करता था। वह युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के साथ आयोवा में आयोजित होने वाली एक बड़ी वार्षिक प्रतियोगिता का निदेशक भी था। ऐसे में उसके खिलाफ लगे आरोपों ने अमेरिकी जिम्नास्टिक्स जगत को झकझोर दिया है। कुछ पूर्व छात्राओं के वकीलों का आरोप है कि यूएसए जिम्नास्टिक्स और अमेरिकी सेंटर फॉर सेफस्पोर्ट को 2017 में ही गार्डनर के अनुचित व्यवहार की जानकारी मिल गई थी, लेकिन उसे खेल से बाहर करने में देरी हुई।

शिकायत के बाद 2022 में हुई कार्रवाई
सेफस्पोर्ट ने 2022 में यौन शोषण की शिकायत मिलने के बाद गार्डनर को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था। इसी साल चाउज जिम्नास्टिक्स ने भी उसे नौकरी से निकाल दिया। सेफस्पोर्ट की जांच में सामने आया कि चाउ और कुछ अन्य कोचों को गार्डनर के खिलाफ यौन दुर्व्यवहार के आरोपों की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने इसकी सूचना संगठन को नहीं दी थी। मई में एक जज ने दो मुकदमों से सेफस्पोर्ट को बाहर कर दिया। अदालत ने माना कि संघीय कानून के तहत संगठन को कानूनी संरक्षण प्राप्त था।

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कई मुकदमे अब भी लंबित
गार्डनर, यूएसए जिम्नास्टिक्स और चाउज जिम्नास्टिक्स के खिलाफ कई मुकदमे अभी चल रहे हैं। 90 साल की सजा से इस मामले में अहम फैसला जरूर आया है, लेकिन पीड़िताओं के आरोपों और खेल संस्थानों की जवाबदेही से जुड़े सवाल अभी बाकी हैं। यह मामला बताता है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए शिकायतों को गंभीरता से लेना और समय रहते कार्रवाई करना कितना जरूरी है।

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