US Tariffs: एक दुनिया के तमाम देश अमेरिका की तरफ से लगाए गए पारस्परिक टैरिफ से बदहाल है। वहीं राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे लेकर बड़ा दावा किया है, उन्होंने कहा है कि, टैरिफ की मार झेल रहे दुनिया के तमाम देश अमेरिका के साथ समझौता करने के लिए मरे जा रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि अमेरिकी टैरिफ से प्रभावित दुनिया के तमाम देश उनके साथ बातचीत करने और सौदे करने के लिए उत्सुक हैं, उन्होंने समझौता हासिल करने के लिए कुछ भी करने की पेशकश की। नेशनल रिपब्लिकन कांग्रेसनल कमेटी में बोलते हुए, ट्रंप ने कहा कि वे कांग्रेस से बेहतर वार्ताकार हैं। ट्रंप ने कहा, 'मैं आपको बता रहा हूं- ये देश हमसे बातचीत करने के लिए बेताब हैं, वे सौदा करने के लिए बेताब हैं, और कह रहे हैं 'कृपया सर सौदा करें, मैं कुछ भी करूंगा'।
ट्रंप ने कांग्रेस पर साधा निशाना
ट्रंप ने कहा कि कुछ रिपब्लिकन सांसद (जो उनके ही दल से हैं) यह चाहते हैं कि टैरिफ पर बातचीत की जिम्मेदारी कांग्रेस को दी जाए। लेकिन ट्रंप इससे सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर बातचीत की कमान कांग्रेस के हाथ में होती, तो चीन पर 104% का टैरिफ कभी नहीं लगता। उन्होंने कहा, 'कुछ बागी रिपब्लिकन नेता कहते हैं कि कांग्रेस को टैरिफ डील करनी चाहिए। लेकिन मैं कहता हूं, वो वैसी डील नहीं कर सकते जैसी मैं कर सकता हूं। अगर ऐसा होता, तो चीन सबसे ज्यादा खुश होता, क्योंकि तब वो 0% टैरिफ देता और उल्टा हम उसे 104% देते!'
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ट्रंप ने फार्मा पर टैरिफ का किया एलान
ट्रंप ने फार्मास्यूटिकल क्षेत्र पर महत्वपूर्ण टैरिफ लगाने की योजना की भी घोषणा की, जिसका उद्देश्य कंपनियों को अमेरिका में विनिर्माण सुविधाएं स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। ट्रंप ने कहा, 'फार्मा पर टैरिफ इसलिए लगाया जाएगा क्योंकि हम दवाएं नहीं बनाते हैं; वे दूसरे देश में बनती हैं। अमेरिका में उसी पैकेट की कीमत 10 अमेरिकी डॉलर या उससे अधिक है। हम फार्मा पर इस तरह से टैरिफ लगाने जा रहे हैं कि कंपनियां बहुत जल्द हमारे पास दौड़ी चली आएंगी। हमारे पास जो फायदा है, वह यह है कि हम बहुत बड़े बाजार हैं। बहुत जल्द, फार्मा पर एक बड़ा टैरिफ घोषित किया जाएगा, और जब ये कंपनियां यह सुनेंगी, तो वे चीन और अन्य देशों को छोड़ देंगी क्योंकि उनके अधिकांश उत्पाद यहां बेचे जाते हैं। और, वे यहां अपने संयंत्र खोलेंगे'।
मस्क-नवारो विवाद पर व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया
ट्रंप के दो सबसे भरोसेमंद लोग- एलन मस्क और व्यापार सलाहकार पीटर नवारो - अमेरिकी राष्ट्रपति के पारस्परिक टैरिफ को लेकर एक-दूसरे से सहमत नहीं हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे पर निशाना साधा है। वहीं इसे लेकर पूछे गए सवाल पर व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा- 'लड़के तो लड़के ही रहेंगे'। उनकी यह टिप्पणी मस्क की तरफ से टेस्ला की आलोचना और ट्रंप के व्यापक नए टैरिफ के समर्थन को लेकर नवारो की आलोचना करने के बाद आई है। कैरोलिन लेविट ने एक ब्रीफिंग के दौरान कहा, 'ये स्पष्ट रूप से दो व्यक्ति हैं जिनके व्यापार और टैरिफ पर बहुत अलग-अलग विचार हैं।' 'लड़के तो लड़के ही रहेंगे और हम उनकी सार्वजनिक बहस जारी रहने देंगे। और आप सभी को बहुत आभारी होना चाहिए कि हमारे पास इतिहास का सबसे पारदर्शी प्रशासन है।'