दो कट्टरपंथी सूत्रों ने कहा है कि यदि दोहा में अफगान बलों के साथ हिंसा में कमी और अफगानिस्तान सरकार के साथ चर्चा में अमेरिकी वार्ताकारों के साथ कोई समझौता होता है तो अमेरिकी सैनिकों के साथ तालिबान 10 दिन के युद्ध विराम लागू करेगा। यानी अगर समझौते की कोई संभावना बनती है तो अफगानिस्तान में 18 साल से जारी संघर्ष के दीर्घकालीन समाधान की उम्मीद बढ़ सकती हैं।
कतर की राजधानी दोहा में तालिबान कार्यालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि तालिबान व अमेरिकी वार्ता दलों ने बुधवार और बृहस्पतिवार को एक शांति समझौते पर दस्तखत करने पर चर्चा की है। प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने शुक्रवार को ट्वीट किया कि यह वार्ता उपयोगी रही है तथा कुछ और दिनों तक जारी रहेगी। बता दें कि अमेरिका हफ्तों से आतंकवादियों को हिंसा में कमी लाने को कह रहा है और यह समझौते के लिए औपचारिक वार्ता फिर से शुरू करने की दिशा में एक शर्त है।
तालिबान के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि यह पेशकश सात या 10 दिनों के लिए युद्धविराम को लेकर है। इससे समझौते का मार्ग प्रशस्त होगा। तालिबान के एक वरिष्ठ कमांडर ने माना कि शूरा (परिषद) ने शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले दिन संघर्ष विराम पर सहमति जताई है।
जल्द हो सकता है समझौता
तालिबान कमांडर ने कहा कि युद्ध विराम का समझौता होने के बाद तालिबान और अफगानिस्तान सरकार जर्मनी में मुलाकात कर सकते हैं। पहले तालिबान इस वार्ता में अफगानिस्तान सरकार को शामिल करने से मना कर चुका है।
कमांडर के मुताबिक, ‘हमने कुछ मुद्दों के चलते संघर्ष विराम को अस्वीकार कर दिया था। अब हमारी शंकाओं का समाधान किया गया है।’ समझौते पर दस्तखत करने की तारीफ अभी तय नहीं की गई है। लेकिन तालिबान ने कहा कि यह जल्द ही हो जाएगा। हालांकि अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इस पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।