अफगानिस्तान में सत्ता अपने हाथ में लेने के बाद तालिबान राजधानी काबुल की जेलों से अब तक पांच हजार से ज्यादा कैदियों को रिहा कर चुका है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रिहा कराए गए अधिकांश कैदी तालिबान और अलकायदा से जुड़े हुए हैं। जेल से निकलते इन कैदियों के वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में कैदियों को सामान उठाए हुए जाते देखा जा सकता है। ये कैदी काबुल, बगराम और पुल-ए-चरखी आदि जेलों से रिहा किए हैं। एक आंकड़े के अनुसार यहां जेलों में 30 हजार कैदी हैं।
रिहा किए गए कैदियों में केरल के कुछ नागरिक भी हैं शामिल
जानकारी के अनुसार रिहा किए गए कैदियों में आठ केरल के निवासी भी हैं जो इस्लामिक स्टेट (आईएस) में शामिल होने के लिए अफगानिस्तान चले गए थे। इन कैदियों को अफगानी सुरक्षा बलों ने एक लड़ाई के दौरान पकड़ा था और जेल में डाल दिया था। केरल के इन कैदियों में निमिशा फातिमा भी शामिल है। निमिशा आईएस में शामिल होने के लिए अपने पति बेक्सन के साथ 2016 में भारत छोड़कर अफगानिस्तान चली गई थी। बाद में बेक्सन की एक हमले में मौत हो गई थी और निमिशा को जेल में बंद कर दिया गया था।
अमरुल्लाह सालेह ने खुद को घोषित किया कार्यवाहक राष्ट्रपति
20 साल तक अफगानिस्तान की सत्ता से बेदखल रहने के बाद तालिबान ने एक बार फिर यहां का नियंत्रण हासिल कर लिया है। लेकिन, अफगानिस्तान में चल रहे सत्ता परिवर्तन के इस संकट के बीच मंगलवार की शाम को देश के पहले उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने बड़ा एलान किया है। सालेह ने खुद को अफगानिस्तान का कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित किया है। उन्होंने कहा कि मैं देश के सभी नेताओं से उनके सहयोग और समर्थन के लिए संपर्क कर रहा हूं। तालिबान ने अभी तक इसे लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।