अमेरिका के ज्याइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल मार्क मिले ने कहा है कि तालिबान ने अब तक अफगानिस्तान के करीब आधे हिस्से पर कब्जा कर लिया है। जनरल मिले ने कहा, तालिबान ने पिछले छह, आठ व 10 माह के दौरान काफी बड़े इलाके को अपने कब्जे में ले लिया है।
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) में एक संवाददाता सम्मेलन में जनरल मार्क मिले ने कहा कि तालिबान ने अफगानिस्तान के 419 जिला केंद्रों में से अब तक 212 जिलों पर नियंत्रण कर लिया है। हालांकि उसने अभी तक देश की 34 प्रांतीय राजधानियों में से किसी पर कब्जा नहीं किया है, लेकिन वह उनमें से लगभग आधी राजधानियों पर दबाव बना रहा है।
उन्होंने कहा, यह अफगानिस्तान की सुरक्षा, अफगान सरकार व अफगानी लोगों की इच्छाशक्ति एवं नेतृत्व की परीक्षा होगी। जनरल मिले के साथ अमेरिकी रक्षामंत्री लॉयड ऑस्टिन भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना के प्रयास तालिबान पर नहीं, बल्कि आतंकवादी खतरों से निपटने पर केंद्रित होंगे। अमेरिका 11 सितंबर 2001 को अमेरिका पर हमला करने वाले अलकायदा पर नजर रखेगा।
तालिबान के अलकायदा संकल्प पर नजर रखेंगे
अमेरिकी रक्षामंत्री लॉयड ऑस्टिन ने कहा कि तालिबान ने 2020 में संकल्प किया था कि वह भविष्य में अफगानिस्तान को अलकायदा के लिए पनाहगाह नहीं बनने देगा और उन्होंने उम्मीद जताई कि तालिबान अपना संकल्प याद रखेगा। अमेरिका इस संकल्प पर नजर रखेगा।
अफगान सरकार व तालिबान में घमासान जारी
जनरल मिले ने कहा कि अफगानिस्तान में दोनों पक्षों में घमासान जारी है। तालिबान बड़े क्षेत्र पर कब्जा कर रहा है। जबकि अफगान सुरक्षा बल काबुल समेत प्रमुख जनसंख्या केंद्रों की सुरक्षा के लिए अपनी स्थिति मजबूत कर रहे हैं। पेंटागन ने कहा है कि अफगानिस्तान से अमेरिकी बलों की वापसी की प्रक्रिया 95 फीसद पूरी हो चुकी है और यह 31 अगस्त तक समाप्त हो जाएगी।
तालिबान के लश्कर और जैश से गहरे रिश्ते
राष्ट्रपति अशरफ गनी ने पाकिस्तान में पल रहे आतंकी संगठनों लश्कर-ए-ताइबा और जैश-ए-मोहम्मद पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा, तालिबान के लश्कर, जैश और अलकायदा के साथ गहरे रिश्ते हैं।
यही नहीं तालिबान अफगानिस्तान को आतंकियों के लिए स्वर्ग बनाना चाह रहा है, लेकिन अफगान सरकार इसे होने नहीं देगी। ईद पर विशेष ऑपरेशन कमांड सेंटर पहुंचे गनी ने वादा किया कि विशेष अभियान बल को हर जरूरी मदद मुहैया कराई जाती रहेगी। लेकिन दुश्मन को यह समझना होगा कि हम कभी आत्मसमर्पण नहीं करेंगे।