अफगानिस्तान में कब्जा जमाने के बाद तालिबान अपनी छवि सुधारने के लिए हर मोर्चे पर काम कर रहा है। तालिबान लोगों से अपील कर रहा है कि उसे डरने और देश छोड़कर जाने की जरूरत नहीं है, वहीं, जुमे की नमाज के समय किसी को भागने नहीं देने का फरमान जारी किया है। तालिबान ने अफगानिस्तान के सभी इमामों से कहा है कि जुमे की नमाज के समय किसी अफगानी को भागने न दिया जाए और आतंकी समूह को लेकर जो नाकारात्मक माहौल है, उसको ठीक किया जाए, लोगों को समझाया जाए।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तालिबान ने अफगान के इमामों से जुमे की नमाज के दौरान आतंकी समूह के बारे में नकारात्मक खबरों को दूर करने के लिए लोगों को समझाने को कहा है और उनसे देश से भागने की कोशिश नहीं करने की भी अपील की है। बता दें रविवार को कट्टरपंथी इस्लामी समूह द्वारा काबुल पर कब्जा करने के बाद से हजारों लोग अफगान छोड़ रहे हैं। गुरुवार को एक संदेश जारी करते हुए तालिबान ने कहा कि इमामों को हमारे देशवासियों को देश के विकास के लिए काम करने और देश न छोड़ने की कोशिश करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए और दुश्मन के नाकारात्मक प्रचार का जवाब देना चाहिए।
छवि बदलने की कोशिश में जुटा तालिबान
दरअसल, दो दशक पहले अफगानिस्तान में तालिबान की दमनकारी नीति और क्रूर अत्याचार को देखते हुए लोग काफी डरे हुए हैं। पिछले रविवार को अफगानिस्तान पर फिर से कब्जा हो चुका है। राष्ट्रपति अशरफ गनी खुद ही देश छोड़कर भाग चुके हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोग भी वहां से निकल रहे हैं। हालांकि, तालिबान लोगों से डरने और भागने को नहीं कह रहा है। तालिबान का कहना है कि दुनिया को भी हमसे घबराने की जरूरत नहीं है। हम अमन और भाईचारे के साथ यहां पर सरकार चलाएंगे। तालिबान ने कहा कि वह पुराने दुश्मनों से बदला नहीं लेगा और इस्लामी कानून के ढांचे के भीतर महिलाओं के अधिकारों का सम्मान करेगा।