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Syria: अलेप्पो-हमा के बाद असद की सेना से छिना दरा का नियंत्रण, तेजी से राजधानी दमिश्क की तरफ बढ़ रहे विद्रोही

Sat, 07 Dec 2024 10:09 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दमिश्क

सार

जानकारों की मानें तो जिस गति से विद्रोही इस बार सीरिया में एक के बाद एक शहरों पर कब्जा कर रहे हैं, वह अभूतपूर्व है। 
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सीरिया के अलेप्पो में विद्रोहियों के कब्जे के बाद के हालात। - फोटो : UN
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विस्तार
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सीरिया में बशर अल-असद की सरकार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। दरअसल, इस्लामवादियों के नेतृत्व में विद्रोहियों का गठबंधन लगातार देश की राजधानी दमिश्क की तरफ बढ़ रहा है। इस बीच यह विद्रोही रास्ते में सीरियाई सेना को हराते हुए कई अहम शहरों पर भी कब्जा करते जा रहे हैं। अलेप्पो और हमा के बाद अब विद्रोहियों ने सीरिया के दरा शहर को भी कब्जा लिया है।
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2011 में सीरियाई गृह युद्ध के दौरान जब मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने सरकार पर कुछ लड़कों के समूह को हिरासत में लेकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था, तब दरा को 'क्रांति का पालना' भी कहा गया था। यहां स्कूल की दीवारों पर असर-विरोधी पेंटिंग्स भी बनाई गई थीं।

बताया गया है कि जॉर्डन की सीमा के करीब स्थित दरा पर स्थानीय सशस्त्र बल ने कब्जा किया है। सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स के मुताबिक, दरा प्रांत के अधिकतर इलाकों को स्थानीय धड़ों ने कब्जा लिया है। वे अब इस प्रांत के 90 फीसदी इलाकों पर कब्जा कर लिया है। इन सभी जगहों से असद की सेना को पीछे धकेल दिया गया है। 
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गौरतलब है कि रूस और ईरान के समर्थन के बावजूद इन क्षेत्रों में युद्धबंदी लागू नहीं रह पाई और हिंसा की घटनाएं लगातार जारी रही है। जानकारों की मानें तो जिस गति से विद्रोही इस बार सीरिया में एक के बाद एक शहरों पर कब्जा कर रहे हैं, वह अभूतपूर्व है। 

27 नवंबर से जारी है संघर्ष
सीरिया में बीते 27 नवंबर से सेना और इस्लामी चरमपंथी विद्रोही समूह हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएस) के नेतृत्व में विद्रोहियों के बीच संघर्ष शुरू हुआ। इसके बाद विद्रोहियों ने पहले अलेप्पो और फिर हमा शहर पर कब्जा कर लिया। सीरियाई सेना ने एलान करते हुए बताया कि विद्रोहियों ने शहर में डिफेंस लाइन को तोड़ दिया था, जिसके बाद उन्होंने पीछे हटने का फैसला किया।

सीरिया में 2011 में शुरू हुआ गृह युद्ध
2011 में अरब क्रांति के साथ ही सीरिया में गृह युद्ध की शुरुआत हुई थी। सीरिया के लोगों ने 10 साल से सत्ता में काबिज बशर अल-असद सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। इसके बाद 'फ्री सीरियन आर्मी' के नाम से एक विद्रोही गुट तैयार हुआ।

विद्रोही गुट के बनने के साथ ही सीरिया में गृह युद्ध की शुरुआत हो गई थी। इसमें अमेरिका, रूस, ईरान और सऊदी अरब के शामिल होने के बाद ये संघर्ष और बढ़ता गया। इस बीच, सीरिया में आतंकवादी संगठन आईएसआईएस ने भी पैर पसार लिए थे। 2020 के सीजफायर समझौते के बाद यहां सिर्फ छिटपुट झड़प ही हुई हैं। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, एक दशक तक चले गृहयुद्ध में 3 लाख से ज्यादा लोग मारे गए थे। इसके अलावा लाखों लोगों को विस्थापित होना पड़ा था।
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