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Switzerland: स्विटजरलैंड में मादुरो की सभी संपत्तियां फ्रीज, ट्रंप की कार्रवाई के बाद स्विस सरकार का बड़ा कदम

Tue, 06 Jan 2026 05:59 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बर्न

सार

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को बंधक बनाए जाने के बाद स्विट्जरलैंड ने बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत स्विस सरकार ने मादुरो से जुड़ी सभी संपत्तियों को तुरंत फ्रीज कर दिया। स्विस सरकार का कहना है कि अगर जांच में ये संपत्तियां अवैध पाई जाती हैं, तो उनका उपयोग वेनेज़ुएला की जनता के हित में किया जाएगा।

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वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो - फोटो : एक्स
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विस्तार
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वेनेजुएला पर अमेरिका की कार्रवाई और फिर वहां के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने जहां एक ओर वैश्विक राजनीति में जबरदस्त तहलका मचा दिया है। वहीं दूसरी ओर अब इस मामले में स्विट्जरलैंड की सरकार ने एक बड़ा कदम लिया है। स्विस सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए निकोलस मादुरो से जुड़ी स्विट्जरलैंड में मौजूद सभी संपत्तियों को तुरंत फ्रीज कर दिया है। मामले में बयान जारी कर स्विस फेडरल सरकार ने कहा है कि अगर जांच में ये संपत्तियां गैरकानूनी तरीके से कमाई गई पाई जाती हैं, तो कोशिश की जाएगी कि उनका इस्तेमाल वेनेजुएला की जनता के भले के लिए किया जाए।

बता दें कि इस बात की जानकारी स्विस सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके दी। सरकार ने बताया कि यह फैसला तुरंत लागू हो गया है और मादुरो से जुड़ी सभी स्विस संपत्तियों पर लागू होगा।सरकारी बयान के अनुसार, 5 जनवरी 2026 को स्विट्जरलैंड की सर्वोच्च कार्यकारी संस्था फेडरल काउंसिल ने यह निर्णय लिया।

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क्या है स्विस सरकार के इस कदम का मकसद?
बात अगर स्विस सरकार के इस कदम के पीछे की मकसद की करें तो इसका मकसद यह है कि मौजूदा हालात में कोई भी संदिग्ध संपत्ति देश से बाहर न भेजी जा सके। सरकार ने साफ किया कि यह संपत्ति फ्रीज करने का फैसला वेनेजुएला की मौजूदा सरकार के सदस्यों पर लागू नहीं होगा। अगर भविष्य में कानूनी जांच में साबित होता है कि ये पैसे गलत तरीके से कमाए गए थे, तो स्विट्जरलैंड उन्हें वेनेजुएला के लोगों के हित में इस्तेमाल करने की कोशिश करेगा।



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पहले से लगे प्रतिबंधों के अलावा है यह कदम
स्विट्जरलैंड ने बताया कि यह नया फैसला 2018 से वेनेजुएला पर लागू प्रतिबंधों के अलावा है, जो एम्बार्गो एक्ट के तहत लगाए गए थे। नया कदम एक अलग कानून विदेशी नेताओं की अवैध संपत्ति फ्रीज और वापसी कानून (एफआईएए) के तहत उठाया गया है। इसका निशाना वे लोग हैं जिन पर पहले स्विट्जरलैंड में प्रतिबंध नहीं लगे थे।

मादुरो की गिरफ्तारी के बाद बढ़ी हलचल
सरकारी बयान में यह भी बताया गया कि 3 जनवरी 2026 को अमेरिका की सेनाओं ने निकोलस मादुरो को कराकास में गिरफ्तार कर अमेरिका भेज दिया। इसके बाद वेनेजुएला की स्थिति काफी तनावपूर्ण और अनिश्चित बनी हुई है। ऐसे में स्विट्जरलैंड ने सभी पक्षों से तनाव कम करने, संयम बरतने ौर अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने की अपील की है। साथ ही, स्विस सरकार ने शांतिपूर्ण समाधान के लिए मध्यस्थता  की पेशकश भी की है।
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कितने समय तक लागू रहेगा फैसला?
गौरतलब है कि यह संपत्ति फ्रीज करने का आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है और चार साल तक या अगले आदेश तक लागू रहेगा। स्विस सरकार ने साफ कहा कि इस फैसले में यह बात मायने नहीं रखती कि मादुरो सत्ता से कैसे हटे या यह कानूनी था या नहीं। अहम बात यह है कि वे सत्ता में नहीं हैं और अब भविष्य में उनकी संपत्तियों को लेकर कानूनी कार्रवाई संभव है।

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