अमेरिकी न्यायाधीश विलियम अलसुप के 13 मार्च के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें छह संघीय एजेंसियों को हाल ही में नियुक्त हजारों प्रोबेजनरी कर्मचारियों को बहाल करने की आवश्यकता बताई गई थी। हालांकि बर्खास्तगी की वैधता को चुनौती देने वाली मुकदमेबाजी जारी है।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ट्रंप प्रशासन के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें हजारों संघीय कर्मचारियों को काम पर वापस लौटने का आदेश दिया गया था। जिन्हें संघीय सरकार का आकार छोटा करने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर नौकरियों से निकाल दिया गया था।
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न्यायालय ने सैन फ्रांसिस्को स्थित अमेरिकी न्यायाधीश विलियम अलसुप के 13 मार्च के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें छह संघीय एजेंसियों को हाल ही में नियुक्त हजारों प्रोबेजनरी कर्मचारियों को बहाल करने की आवश्यकता बताई गई थी। हालांकि बर्खास्तगी की वैधता को चुनौती देने वाली मुकदमेबाजी जारी रहेगी।
न्यायालय ने एक बिना हस्ताक्षर वाले आदेश में कहा कि जिन नौ गैर-लाभकारी संगठनों को उनके मुकदमे के जवाब में निषेधाज्ञा दी गई थी। उनके पास मुकदमा करने का कानूनी आधार नहीं था। न्यायालय ने कहा कि उसके आदेश में मामले में अन्य वादी के दावों को संबोधित नहीं किया गया। न्यायाधीश सोनिया सोटोमोर और केतनजी ब्राउन जैक्सन ने सार्वजनिक रूप से इस निर्णय पर असहमति जताई है। अलसुप का फैसला अमेरिकी रक्षा विभाग, वेटरन अफेयर्स विभाग, कृषि विभाग, ऊर्जा विभाग, आंतरिक विभाग और ट्रेजरी विभाग के परिवीक्षाधीन कर्मचारियों पर लागू होता है।
सैन फ्रांसिस्को में अमेरिकी जिला न्यायाधीश विलियम अलसुप ने फैसला सुनाया था कि कार्मिक प्रबंधन कार्यालय और उसके कार्यकारी निदेशक द्वारा बर्खास्तगी का निर्देश अनुचित तरीके से दिया गया था। उनका यह आदेश श्रमिक यूनियनों और गैर-लाभकारी संगठनों के गठबंधन द्वारा दायर मुकदमे के बाद आया। इसमें तर्क दिया गया था कि कम श्रमशक्ति से वे प्रभावित होंगे।
अल्सुप ने इस बात पर निराशा व्यक्त की थी कि सरकार कम कानूनी सुरक्षा वाले परिवीक्षाधीन कर्मचारियों को नौकरी से निकालकर कानून और नियमों को दरकिनार करने का प्रयास कर रही है। वे इस बात से स्तब्ध हैं कि कर्मचारियों को बताया गया कि उन्हें खराब प्रदर्शन के कारण नौकरी से निकाला जा रहा है, जबकि कुछ महीने पहले ही उन्हें अच्छा मूल्यांकन मिला था। सॉलिसिटर जनरल डी. जॉन सॉयर ने अदालत को बताया कि प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया है कि एजेंसियों ने खुद ही बर्खास्तगी का निर्देश दिया था।