ब्रिटेन में महंगाई के खिलाफ जन अभियान तेज होता जा रहा है। अब तक ऐसी मुहिम सोशल मीडिया पर थी। लेकिन अब एक समूह ने पूरे ब्रिटेन में 50 रैलियां आयोजित करने का एलान किया है। ये विरोध प्रदर्शन अगले हफ्ते शुरू होंगे। इसके पहले एक अन्य समूह प्राकृतिक गैस की बढ़ी कीमतों को ना चुकाने का अभियान- कॉन्ट पे, वोन्ट पे (बढ़ी कीमत को चुकाने की हमारी क्षमता नहीं है, हम नहीं चुकाएंगे) शुरू कर चुका है। अब रैलियां आयोजित करने के लिए एक नया समूह बनाया गया है, जिसका नाम Enough is Enough (अब हद पार हो गई है)रखा गया है।
Enough is Enough अभियान में कई ट्रेड यूनियनें, सामुदायिक संगठन, किरायेदारों के संगठन और राजनेता शामिल हैं। इस मुहिम को शुरू करने की घोषणा इसके आयोजकों ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर की। उस वीडियो के समर्थन में तीन लाख से ज्यादा लोग दस्तखत कर चुके हैँ। अखबार द गार्जियन की एक रिपोर्ट के मुताबिक उस वीडियो संदेश को 60 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है। इस अभियान की पहली रैली अगले बुधवार को दक्षिणी लंदन में स्थित क्लैफाम ग्रैंड वेन्यू पर होगी। उसे कम्युनिकेशन्स वर्कर्स यूनियन (सीडब्लूयू) के महासचिव डेव वार्ड और नेशनल यूनियन ऑफ रेल, मैरीटाइम एंड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स (आरएमटी) के महासचिव मिक लिंच भी संबोधित करेंगे। डेव वॉर्ड ने कहा है- ‘हर बार एक नया संकट खड़ा हो जाता है और हर बार उसकी कीमत चुकाने के लिए मजदूरों से ही कहा जाता है।’
Enough is Enough ने मांग है कि आने वाली सर्दियों में गैस की कीमत में संभावित वृद्धि पर रोक लगाई जाए, ताकि आम घरों पर बोझ ना बढ़े। इस अभियान से जुड़े लोगों ने बताया है कि महंगाई के कारण हजारों लोगों की जिंदगी संघर्षपूर्ण हो गई है।
देश में ऐसे लाखों नागरिक हैं, जो खाद्य पदार्थों और ऊर्जा दोनों की महंगाई सह सकने की स्थिति में नहीं हैँ। एक साल के अंदर इन दोनों चीजों की कीमतें बढ़ कर तीन गुना हो गई हैँ। Enough is Enough ने कर्मचारियों के वेतन में ‘वास्तविक’ वृद्धि की मांग की है। यानी ऐसी बढ़ोतरी जो बढ़ चुकी महंगाई से अधिक हो। इस अभियान ने देश में न्यूनतम मजदूरी 15 पाउंड प्रति घंटे करने की मांग की है। अभी 23 वर्ष से अधिक उम्र के कर्मियों के लिए न्यूनतम मजदूरी 9.50 पाउंड प्रति घंटा है। अभियान ने स्कूलों में बच्चों को मुफ्त भोजन देने की योजना शुरू करने की मांग भी सामने रखी है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक महंगाई के खिलाफ ब्रिटेन में आम लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। कुछ रोज पहले ही ट्रेड यूनियनों की तरफ से लंदन में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन में हजारों लोग इकट्ठे हुए थे। उधर कॉन्ट पे, वोन्ट पे अभियान के तहत एक लाख से अधिक लोग गैस और बिजली कनेक्शनों के बदले अगले अक्टूबर से भुगतान ना करने का संदेश भेज चुके हैँ। इस अभियान ने उम्मीद जताई है कि तब तक दस लाख से अधिक लोग उसकी मुहिम से जुड़ जाएंगे।