एल-फशर 15 महीने तक चले युद्ध में अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) को नियमित सेना के खिलाफ खड़ा करने वाला एक प्रमुख युद्धक्षेत्र बन गया है। वहीं, उत्तरी दारफुर राज्य की राजधानी के लिए दो महीने से अधिक समय से लड़ाई जारी है।
सूडानी अर्धसैनिक बलों ने शनिवार को एल-फशर पर हमला कर दिया। बमबारी में सूडान के नियंत्रण से बाहर दारफुर के आखिरी शहर में 22 लोग मारे गए। वहीं, 17 लोग घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, महीने की शुरुआत के बाद से यह सबसे घातक बमबारी थी, जिसमें शहर के एक अन्य बाजार में हुई गोलीबारी में 15 लोगों की जान चली गई थी।
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बता दें कि एल-फशर 15 महीने तक चले युद्ध में अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) को नियमित सेना के खिलाफ खड़ा करने वाला एक प्रमुख युद्धक्षेत्र बन गया है। वहीं, उत्तरी दारफुर राज्य की राजधानी के लिए दो महीने से अधिक समय से लड़ाई जारी है। इस क्षेत्र को मानवीय सहायता के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। 10 मई को एल-फशर के लिए लड़ाई शुरू हुई थी, जिसके बाद आरएसएफ की घेराबंदी के चलते हजारों नागरिक फंस गए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शनिवार को हुई गोलाबारी में कुछ घर नष्ट हो गए। शहर के सऊदी अस्पताल के एक डॉक्टर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि 'पशुधन बाजार और रेडायफ पड़ोस पर बमबारी में 22 लोग मारे गए और 17 घायल हो गए।'
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जानकारी के अनुसार, सऊदी अरब के जेद्दा में पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने घेराबंदी खत्म करने की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन पिछली वार्ताएं लड़ाई को समाप्त करने में विफल रही हैं। अब लड़ाई खत्म करने के लिए अमेरिकी मध्यस्थ अगले महीने स्विट्जरलैंड में एक नया प्रयास करेंगे। बातचीत 14 अगस्त को शुरू होने वाली है।