सूडान की सेना का दावा है कि उसने खार्तूम का अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा और आरएसएफ के अंतिम ठिकाने पर कब्जा कर लिया है, जिससे वह राजधानी पर पूर्ण नियंत्रण के करीब पहुंच गई है। हवाईअड्डे पर सेना के नियंत्रण से राहत सामग्री की आपूर्ति आसान हो सकती है।
सूडान की सेना ने बुधवार को दावा किया कि उसने खार्तूम में एक अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को नियंत्रण में ले लिया है। इसके अलावा, प्रतिद्वंद्वी अर्धसैनिक बल 'रैपिड सपोर्ट फोर्स' (आरएसएफ) के एक अहम ठिकाने को भी कब्जे में लिया है। इस कदम से सेना करीब दो वर्षों के संघर्ष के बाद पहली बार राजधानी पर पूर्ण नियंत्रण हासिल करने के करीब पहुंच गई है।
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सेना ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि उसने हवाई अड्डे को नियंत्रण में ले लिया है। जनरल अब्देल-फतह बुरहान वहां उतरे और सैनिकों से मिले। साझा किए गए वीडियो में बुरहान हेलीकॉप्टर से मुस्कराकर उतरते हुए दिखे, जबकि रनवे पर कुछ मलबा दिखाई दे रहा था। सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनर नबील अब्दुल्ला अली ने सोशल मीडया पर बताया कि सेना ने आरएसएफ के अंतिम गढ़ तैबा अल-हसनाब कैंप को भी अपने नियंत्रण में ले लिया है। हालांकि, आरएसएफ की ओर से इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
खार्तूम अब आजाद है: सेना नियंत्रित सरकार के प्रवक्ता
सूडानी सेना ने शुक्रवार को संघर्ष से पहले की सरकार के मुख्यालय रिपब्लिकन पैलेस को फिर से अपने कब्जे में लिया। अप्रैल 2023 में संघर्ष शुरू होने के बाद रिपल्बिकन पैलेस, हवाई अड्डा और राजधानी के बड़े हिस्से आरएसएफ के नियंत्रण में थे। सेना नियंत्रित सरकार के प्रवक्ता और सूचना मंत्री खालिद अलीसर ने इसे सूडान के इतिहास का एक निर्णायक और अहम क्षण बताया और सोशल मीडिया पर घोषणा करते हुए लिखा- खार्तूम अब आजाद है, जैसा उसे होना चाहिए।
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संघर्ष के कारण करीब 28 हजार लोगों की हो चुकी मौत
हवाई अड्डे पर सूडान की सेना के नियंत्रण और खार्तूम में शांति बहाल होने से राहत संगठनों को देश में अधिक मदद पहुंचाने का मौका मिल सकता है। हवाई मार्ग से खाद्य और राहत सामग्री भेजने में आसानी हो सकती है। संघर्ष के कारण करीब 1.4 करोड़ लोग बेघर हो चुके हैं और कई इलाकों में भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है। अब तक कम से कम 28 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, वास्तविक मृतकों की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है।