फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

US: शिक्षक प्रशिक्षण फंड में कटौती पर अड़ी ट्रंप सरकार, सुप्रीम कोर्ट से मांगी अनुमति; संघीय जज ने लगाई थी रोक

Thu, 27 Mar 2025 01:26 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।

सार

US: ट्रंप प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट से शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए अनुदान में कटौती की अनुमति मांगी है। एक निचली अदालत ने इस पर अस्थायी रोक लगाई थी। डेमोक्रेटिक पार्टी शासित राज्यों ने इसे विविधता और समानता कार्यक्रमों को खत्म करने की कोशिश बताया, जबकि ट्रंप सरकार इसे फिजूलखर्ची मान रही है।
विज्ञापन
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट - फोटो : एएनआई (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया कि वह शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए दिए जाने वाली करोड़ो डॉलर की धनराशि में कटौती करने की अनुमति दे। बोस्टन के एक संघीय जज ने इन कटौतियों पर अस्थायी रोक लगा दी थी, क्योंकि इससे देशभर में शिक्षकों की कमी को दूर करने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रभावित हो रहे थे। प्रशासन ने इस रोक को हटाने का आग्रह किया था, लेकिन अपीलीय अदालत ने उसकी मांग खारिज कर दी थी।

विज्ञापन


ट्रंप प्रशासन ने यह दलील देते हुए शीर्ष कोर्ट से इस मामले में दखल की मांग की है कि कई संघीय जज गलत तरीके से इसे करोड़ों डॉलर का अनुदान जारी रखने के लिए मजबूर कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस अपील पर शुक्रवार तक जवाब मांगा है।    

ये भी पढ़ें : ऑटो आयात पर आज टैरिफ की घोषणा करेंगे ट्रंप, जानिए अमेरिका के लिए क्यों चुनौती बन सकता है ये फैसला
विज्ञापन


यह मामला तब सामने आया, जब अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज म्योंग जौन ने डेमोक्रेटिक पार्टी के नेतृत्व वाले आठ राज्यों के अनुरोध पर अस्थायी रोक लगाने का आदेश जारी किया। इन राज्यों ने दलील दी थी कि ट्रंप प्रशासन की यह कटौती विविधता, समानता और समावेशन कार्यक्रमं को समाप्त करने के प्रयासों से प्रेरित हो सकती है। 

ट्रंप ने की थी शिक्षा विभाग को समाप्त करने की घोषणा
राष्ट्रपति ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करके शिक्षा विभाग को समाप्त करने की घोषणा की थी। उनकी सरकार ने विभाग के कई कार्यों में बड़े बदलाव शुरू किए हैं, जिनमें उन दर्जनों अनुबंधों को रद्द करना भी शामिल है, जिन्हें उन्होंने अनावश्यक और फिजूलखर्ची बताया था। कार्यवाहक सॉलिसिटर जनरल सारा एम. हैरिस ने कहा कि जब तक इन आदेशों की समीक्षा नहीं होती, जिला कोर्ट सरकारी धन के मामलों में बार-बार दखल देती रहेंगी। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें : कनाडा में लिबरल पार्टी ने सांसद चंद्र आर्य को चुनाव लड़ने से रोका, भारत सरकार से करीबी संबंध का लगाया आरोप

मुकदमों से धीमी हुई ट्रंप के एजेंडे की रफ्तार
न्याय विभाग ने कोर्ट के उन चार और आदेशों के खिलाफ आपातकालीन अपील दायर की है, जिन्होंने प्रशासन की नीतियों पर रोक लगा थी। फिलहाल, इन मुकदमों की वजह से ट्रंप की योजनाओं की गति धीमी हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने अभी उस अपील पर फैसला नहीं दिया है, जिसमें जन्मसिद्ध नागरिकता को सीमित करने की ट्रंप की योजना पर रोक हटाने की मांग की गई है। इसके अलावा, हजारों संघीय कर्मचारियों की फिर से बहाली के आदेश को रोकने की अपील भी लंबित है। 

संबंधित वीडियो-

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें