सूडान में दो साल से जारी गृहयुद्ध के बीच सेना ने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव पर सहमति जताई है। सूडान की सेना अल फशेर क्षेत्र में सहायता वितरण के लिए एक सप्ताह का युद्ध विराम करेगी। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सूडानी सैन्य नेता जनरल अब्देल-फतह बुरहान से इस बारे में फोन पर बात की।
गुटेरेस ने सैन्य नेता से उत्तरी दारफुर प्रांत की राजधानी अल फशेर में मानवीय संघर्ष विराम लागू करने के लिए कहा। सैन्य नेता बुरहान ने प्रस्ताव पर सहमत जताई। साथ ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रासंगिक प्रस्तावों को लागू करने के महत्व पर बल दिया। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि दूसरा पक्ष अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) इस प्रस्ताव पर सहमत होगा या नहीं।
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गुटेरेस ने कहा कि हम दोनों पक्षों से संपर्क कर रहे हैं। अल फशर में हमारे सामने एक नाटकीय स्थिति है। प्रभावी सहायता वितरण के लिए मानवीय संघर्ष विराम की आवश्यकता है। साथ ही अल फशेर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर वितरण की तैयारी के लिए कई दिन पहले इस पर सहमति होनी चाहिए।
सूडान में गृहयुद्ध, जनता में भुखमरी
गौरतलब है कि सूडान में अप्रैल 2023 में गृहयुद्ध शुरू हुआ था, जब सेना और आरएसएफ सत्ता के लिए आपस में भिड़ गए। यह लड़ाई धीरे-धीरे पूरे देश में फैल गई। अब तक करीब 20,000 लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन असल आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है। इतना ही नहीं अभीतक लगभग 1.4 करोड़ लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं, जिनमें से 40 लाख लोग दूसरे देशों में शरण ले चुके हैं।
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देश की आधी आबादी (लगभग 5 करोड़ में से) भुखमरी का सामना कर रही है। यूनिसेफ ने इस साल की शुरुआत में कहा था कि युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक लगभग 61,800 बच्चे आंतरिक रूप से विस्थापित हो चुके हैं। खार्तूम से 800 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित अल-फशर सेना के नियंत्रण में है। आरएसएफ पूरे दारफुर क्षेत्र पर अपना नियंत्रण मजबूत करने के लिए एक साल से अल-फशर पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है।