सूडान में सेना प्रमुख और अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स (आरएसएफ) के बीच चल रहा गृह युद्ध दिन-प्रतिदिन और घातक होता जा रहा है। हालांकि अब इस युद्ध में एक नया मोड़ आता हुआ नजर आ रहा है। जहां सूडान के सेना प्रमुख अब्देल फत्ताह अल-बर्रान ने शनिवार को ये बात स्पष्ट किया कि उनकी सेना तब तक संघर्ष करती रहेगी जब तक अर्धसैनिक समूह रैपिड सपोर्ट फोर्स (आरएसएफ) अपने हथियार नहीं छोड़ देता। उन्होंने कहा कि देश में पिछले दो साल से चल रही विनाशकारी लड़ाई का अंत तभी संभव है जब यह मिलिशिया अपने हथियार डाल दे।
बातचीत और समझौता से किया इनकार
पहली बार टेलीविज़न पर अपने संबोधन में बुरहान ने कहा कि वे आरएसएफ के आखिरी सैनिकों को ढूंढने और उन्हें खत्म करने तक युद्ध जारी रखेंगे। उन्होंने किसी भी प्रकार की बातचीत से भी इनकार किया। साथ ही कहा कि उनका उद्देश्य केवल तब पूरा होगा जब अंतिम विद्रोही को सूडान के अंतिम कोने से मिटा दिया जाएगा।
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बुरहान का यह बयान उस समय आया जब उन्होंने राष्ट्रपति महल में विजयी रूप से प्रवेश किया था। लगभग दो साल पहले, युद्ध के दौरान यह महल आरएसएफ के नियंत्रण में था। महल में प्रवेश करने के बाद, बुरहान ने एक सैन्य विमान से बाहर निकलते हुए जमीन को चूमा और महल के फाटकों के माध्यम से अपनी मुट्ठी को आकाश की ओर उठाते हुए मार्च किया।
सूडान में युद्ध ने हालात को और बदतर किया
गौरतलसब है कि पिछले हफ्ते सूडान की राजधानी खार्तूम में सेना ने एक निर्णायक हमला करते हुए राष्ट्रपति महल, हवाई अड्डे और अन्य महत्वपूर्ण रणनीतिक स्थलों को फिर से अपने नियंत्रण में ले लिया। सेना ने अर्धसैनिक आरएसएफ को मजबूर किया कि वे इन क्षेत्रों से पीछे हट जाएं। हालांकि आरएसएफ के नेता ने कोई आत्मसमर्पण नहीं का ऐलान किया है, और वे अभी भी संघर्ष जारी रखने की बात कर रहे हैं।
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आरएसएफ ने विद्रोह के बाद बनाया गुट
वहीं बुरहान के राष्ट्रपति महल में वापस जाने के कुछ ही घंटों बाद आरएसएफ ने विद्रोही समूह सूडान पीपुल्स लिबरेशन मूवमेंट-नॉर्थ (SPLM-N) के एक गुट के साथ मिलकर एक सैन्य गठबंधन बनाने की घोषणा की। यह गठबंधन दक्षिणी सूडान के दक्षिण कोर्डोफैन और ब्लू नाइल राज्यों के कुछ हिस्सों को नियंत्रित करता है। पहले एसपीएलएम-एन और आरएसएफ दोनों पक्षों के बीच संघर्ष हो चुका था, लेकिन अब उन्होंने मिलकर एक राजनीतिक चार्टर पर हस्ताक्षर किए हैं, जो प्रतिद्वंद्वी सरकार की स्थापना के प्रयास का हिस्सा है।