हार्वर्ड-स्मिथसोनियन सेंटर फॉर एस्ट्रोफिजिक्स के करीम अल-बद्री ने इस ब्लैक होल के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि शुरुआत में इसकी पहचान के लिए यूरोपीय एजेंसी के गैया अंतरिक्ष यान की मदद ली गई थी।
वैज्ञानिकों को पृथ्वी के सबसे करीब का ब्लैक होल पता लगाने में कामयाबी मिली है। इसका आकार सूर्य से 10 गुना बड़ा बताया गया है। यह इससे पहले मिले ब्लैक होल की तुलना में तीन गुना बड़ा है। यह पृथ्वी से केवल 1,600 प्रकाश वर्ष दूर है। अमेरिकी वैज्ञानिकों ने कहा कि इस ब्लैक होल की पहचान अपने जोड़ी तारे की गति को देखकर की गई।
विज्ञापन
यह तारा ब्लैक होल की परिक्रमा उसी दूरी पर करता है, जितनी पृथ्वी सूर्य की करती है। हार्वर्ड-स्मिथसोनियन सेंटर फॉर एस्ट्रोफिजिक्स के करीम अल-बद्री ने कहा कि शुरुआत में इसकी पहचान के लिए यूरोपीय एजेंसी के गैया अंतरिक्ष यान की मदद ली गई थी।
पृथ्वी को खतरा नहीं
नासा के मुताबिक, पृथ्वी ब्लैक होल में नहीं गिरेगी, क्योंकि कोई भी ब्लैक होल सौर मंडल के इतना करीब नहीं है। यहां तक कि अगर एक ब्लैक होल सूर्य का स्थान ले लेता है, तब भी पृथ्वी नहीं गिरेगी। ऐसेी में ब्लैक होल में सूर्य के समान गुरुत्वाकर्षण होगा। पृथ्वी व अन्य ग्रह ब्लैक होल की परिक्रमा करेंगे। हालांकि, वैज्ञानिकों का कहना है कि सूरज कभी ब्लैक होल में नहीं बदलेगा।