रूस में 10वें ब्रिक्स संसदीय फोरम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि अंतर-संसदीय सहयोग को मजबूत करने से अधिक समावेशी और लोकतांत्रिक ब्रिक्स साझेदारी विकसित होगी। ओम बिड़ला वर्तमान में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में 10वें ब्रिक्स संसदीय मंच में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।
लोकसभा अध्यक्ष ने गुरुवार को सत्र को संबोधित किया। सत्र में 'द ब्रिक्स पार्लियामेंट्री डायमेंशन: प्रॉस्पेक्ट्स फॉर स्ट्रेंथनिंग इंटर पार्लियामेंट्री कॉपरेशन' विषय पर चर्चा की गई। आगे की चुनौतियों का जिक्र करते हुए बिरला ने कहा, "अंतर-संसदीय सहयोग को मजबूत करने से अधिक समावेशी और लोकतांत्रिक ब्रिक्स साझेदारी विकसित होगी।" साथ ही उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों और समावेशी विकास के लिए भारत की प्रतिबद्धता की बात भी दोहराई।
लगातार दूसरी बार लोकसभा अध्यक्ष बनने पर जताया आभार
बिरला ने बताया कि भारत में हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनाव में लगभग 65 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिसके बाद नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। उन्होंने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि लोकसभा ने उन्हें लगातार दूसरी बार अध्यक्ष पद के लिए चुना।
ब्रिक्स में नए सदस्यों का गर्मजोशी से किया स्वागत
ब्रिक्स संसदीय मंच में चार नए सदस्यों, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात का बिरला ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। साथ ही नए सदस्यों को एक साथ लाने के लिए रूस की अध्यक्षता की भी सराहना की। उन्होंने कहा, "ब्रिक्स, बड़े पैमाने पर विकासशील दुनिया के हितों का प्रतिनिधित्व करता है। यह वैश्विक शासन प्रणाली के व्यापक लोकतंत्रीकरण और वैश्विक स्तर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, डब्ल्यूटीओ जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों में सुधार की भी कोशिश करेगा।"
इसके अलावा, समावेशी विकास और सतत विकास के लिए ब्रिक्स एजेंडे को आगे बढ़ाने में संसदों और सांसदों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए, बिरला ने कहा कि भारत इस पहल में एक सक्रिय भागीदार है।
अक्तूबर में रूस के कजान शहर में आयोजित होगा ब्रिक्स सम्मेलन
अक्तूबर महीने में रूस के कजान शहर में ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। इसे लेकर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कुछ अहम बातें बताईं। पुतिन ने ब्रिक्स को उभरती वैश्विक व्यवस्था के प्रमुख सिद्धातों में से एक बताया है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स एक ऐसी व्यवस्था है, जिसमें सभी देशों के हितों का ध्यान रखा जाता है। आपको बता दें कि पुतिन ने ब्रिक्स सम्मेलन के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रित किया है।