ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर ने शनिवार को गाजा समर्थक प्रदर्शनों में कुछ नारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है। बता दें कि, लंदन में दो यहूदी पुरुषों पर चाकू से हमले के बाद यहूदी समुदाय की सुरक्षा पर चिंता बढ़ी है। उन्होंने 'ग्लोबलाइज द इंतिफादा' जैसे नारों पर सख्त कार्रवाई की बात कही।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर ने गाजा युद्ध के समर्थन में हो रहे प्रदर्शनों को लेकर सख्त रुख अपनाने की बात कही है। उन्होंने साफ कहा कि देश में विरोध प्रदर्शन का अधिकार तो रहेगा, लेकिन अगर कुछ नारे या गतिविधियां लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बनती हैं, तो सरकार को कड़ी कार्रवाई करनी पड़ेगी। लंदन में हाल ही में दो यहूदी नागरिकों पर चाकू से हमला हुआ, जिसके बाद हालात और ज्यादा संवेदनशील हो गए हैं। यह हमला गोल्डर्स ग्रीन इलाके में हुआ, जिसे ब्रिटेन में यहूदी समुदाय का प्रमुख केंद्र माना जाता है। पुलिस ने इस घटना को आतंकवादी हमला बताया है और एक 45 वर्षीय आरोपी पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया गया है।
'उकसाने वाले नारों पर होगा एक्शन'
ब्रिटिशी पीएम कीएर स्टार्मर ने खास तौर पर 'ग्लोबलाइज द इंतिफादा' जैसे नारों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे नारे लोगों को उकसाने वाले हो सकते हैं, इसलिए इन पर सख्ती जरूरी है। उनका कहना है कि लगातार हो रहे गाजा समर्थक प्रदर्शनों का एक असर पड़ा है, जिससे यहूदी विरोधी घटनाएं बढ़ी हैं।
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ब्रिटेन में आतंकवादी खतरे का स्तर बढ़ाया गया
ब्रिटेन के शीर्ष पुलिस अधिकारी मार्क राउली ने भी चेतावनी दी है कि देश में यहूदी समुदाय इस समय सबसे बड़े खतरे का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग तरह के चरमपंथी समूह, चाहे वे वामपंथी हों, दक्षिणपंथी हों या इस्लामिक आतंकवादी, सभी यहूदियों को निशाना बना रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ब्रिटेन में आतंकवादी खतरे का स्तर 'सब्सटैंशियल' से बढ़ाकर 'गंभीर' कर दिया गया है। इसका मतलब है कि आने वाले छह महीनों में आतंकी हमले की आशंका काफी ज्यादा मानी जा रही है।
2023 में इस्राइल पर हमले के बाद से बढ़ी घटनाएं
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2023 में इस्राइल पर हुए हमले और उसके बाद शुरू हुए गाजा युद्ध के बाद से ब्रिटेन में यहूदी विरोधी घटनाओं में तेज बढ़ोतरी हुई है। एक संस्था के अनुसार, 2025 में ऐसे करीब 3700 मामले सामने आए, जबकि 2022 में यह संख्या 1662 थी। कुल मिलाकर, ब्रिटेन में गाजा युद्ध को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों और बढ़ती हिंसा के बीच सरकार अब कानून-व्यवस्था को लेकर ज्यादा सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है।