दुनिया के सबसे मशहूर वैक्स म्यूजियम मैडम तुसाद लंदन ने इस सप्ताह एक विशेष आइकन्स ऑफ इंडिया उत्सव की शुरुआत की है। इस अनूठी प्रदर्शनी में भारतीय सिनेमा और क्रिकेट जगत की 13 दिग्गज हस्तियों के मोम के पुतलों को एक साथ पेश किया गया है। यह शानदार आयोजन लंदन स्थित मैडम तुसाद के मुख्यालय में शुरू हुआ है।
पर्यटक अमिताभ बच्चन के साथ खिंचवा सकेंगे तस्वीरें
यह एक सीमित समय का अनुभव है। इसके लिए म्यूजियम के विशेष अवार्ड्स पार्टी जोन को चुना गया है। मई और जून के पूरे महीने के लिए इस हिस्से को भारतीय संस्कृति से प्रेरित एक जीवंत स्थान में बदल दिया गया है। यहां आने वाले पर्यटक सदी के महानायक अमिताभ बच्चन और क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर जैसे प्रतिष्ठित चेहरों के साथ तस्वीरें खिंचवा सकेंगे।
'बॉलीवुड की वैश्विक अपील बहुत बड़ी'
मैडम तुसाद लंदन के जनरल मैनेजर स्टीव ब्लैकबर्न ने इस अवसर पर कहा, 'बॉलीवुड की वैश्विक अपील बहुत बड़ी है। लंदन का भारतीय सिनेमा और क्रिकेट के प्रति प्रेम हर साल और मजबूत होता जा रहा है।' उन्होंने आगे कहा, आइकन्स ऑफ इंडिया के साथ हम प्रशंसकों को उन सितारों के और भी करीब ला रहे हैं जिन्हें वे प्यार करते हैं। हम मेहमानों को जादू की इस दुनिया में कदम रखने, अविस्मरणीय क्षणों को कैद करने और उन दिग्गजों का जश्न मनाने के लिए आमंत्रित करते हुए रोमांचित हैं, जिन्होंने वैश्विक मनोरंजन और खेल को नया आकार दिया है।'
इस प्रदर्शनी को वास्तव में वैश्विक उत्सव बताया जा रहा है। इसका कारण यह है कि यहां प्रदर्शित कई पुतले दुनिया के अन्य हिस्सों से लोन पर मंगाए गए हैं। उदाहरण के तौर पर, विराट कोहली का पुतला बैंकॉक से लाया गया है। वहीं, ऐश्वर्या राय का पुतला न्यूयॉर्क से लंदन पहुंचा है।
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प्रशंसकों के लिए बड़ा मौका
प्रशंसकों के लिए यह एक बड़ा मौका है। वे दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह, प्रियंका चोपड़ा जोनास, ऋतिक रोशन, कैटरीना कैफ और माधुरी दीक्षित जैसे अपने पसंदीदा सितारों के साथ पोज दे सकते हैं। इनके अलावा रणबीर कपूर का पुतला न्यूयॉर्क से और तेलुगु सिनेमा की स्टार काजल अग्रवाल का पुतला सिंगापुर मैडम तुसाद से यहां लाया गया है।
लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने भी इस प्रदर्शनी का पुरजोर समर्थन किया है। उच्चायोग ने इसे दोनों देशों के बीच साझा सांस्कृतिक लगाव का एक जीवंत उत्सव बताया है। उच्चायोग की ओर से जारी बयान में कहा गया, 'भारतीय सिनेमा और क्रिकेट की वैश्विक अपील को प्रदर्शित करने वाली यह पहल भारत की भावना को लंदन के दिल में लाती है। यह लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करती है, जो भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच स्थायी सांस्कृतिक सेतु का प्रमाण है।'
बता दें कि लंदन में मैडम तुसाद का इतिहास लगभग 200 साल पुराना है। अब यह न्यूयॉर्क, शंघाई, एम्स्टर्डम और सिडनी सहित दुनिया के 24 स्थानों पर फैल चुका है। यह म्यूजियम ऐतिहासिक कलात्मक पद्धतियों और आधुनिक तकनीक के मेल से राजघराने, सिनेमा, खेल और राजनीति के किरदारों को जीवंत रूप देने के लिए जाना जाता है।