Economic Meltdown In Sri lanka
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श्रीलंका बीते सात दशकों में सबसे बुरे आर्थिक संकट से गुजर रहा है। आम जनता के लिए दैनिक उपभोग की वस्तुएं पहुंच से बाहर हो गई हैं। सितंबर में महंगाई ने 69.8 फीसदी का नया रिकॉर्ड बनाया है, जो कि इससे एक महीने पहले यानि अगस्त में 64.3 फीसदी था। राज्य सांख्यिकी विभाग ने शुक्रवार को आंकड़े जारी किए।
कोलंबो उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीसीपीआई) देश के सबसे बड़े शहर में महंगाई का आकलन करने वाला एक प्रमुख संकेतक (इंडिकेटर) है। जो एक साल पहले की तुलना में 69.8 फीसदी बढ़ा है, अगस्त में यह 64.3 फीसदी पर था।
सांख्यिकी विभाग ने बताया कि सितंबर में खाद्य क्षेत्र का योगदान 30.82 फीसदी थी। सीसीपीआई के आधार पर औसत महंगाई 33.4 फीसदी रही जो कि अगस्त में 28 फीसदी पर थी। विभाग ने बताया कि चावल और अंडे के अलावा अधिकांश बुनियादी खाद्य सामग्री के दामों में वृद्धि देखी गई।
बता दें कि सरकार ने हाल ही खाद्य पदार्थों में महंगाई के साथ-साथ बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की दरों में भी वृद्धि की है। आर्थिक संकट में आयात पर लगाए गए प्रतिबंधों से इनकी जरूरी वस्तुओं कमी पैदा हो गई है।
अप्रैलज में विदेशी मुद्रा संकट के कारण श्रीलंका की सरकार को 'डिफॉल्ट' की घोषणा करनी पड़ी थी। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने अपने स्टाफ लेवल एग्रीमेंट में 2.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर की घोषणा की है।
1 सितंबर को आईएमएफ ने घोषणा की थी कि वह श्रीलंका को अगले चार साल की अवधि में 2.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर का ऋण प्रदान करेगा ताकि उसे आर्थिक उथल-पुथल से उबरने में मदद मिल सके। 1948 में स्वतंत्रता के बाद से श्रीलंका सबसे खराब आर्थिक संकट का सामना कर रहा है, जिसके कारण देश भर में भोजन, दवा, रसोई गैस और ईंधन जैसी आवश्यक वस्तुओं की भारी कमी हो गई है।