श्रीलंका के ऊर्जा मंत्री उदय गेम्मनपिला ने बताया कि इस तेल टैंक फार्म में स्थित 99 टैंक में से 14 तेल टैंक भारत को लीज पर देने के लिए नए करार पर हस्ताक्षर करने को तैयार है।
श्रीलंका अपने पूर्वी जिला त्रिंकोमाली में स्थित द्वितीय विश्वयुद्ध के समय के तेल टैंक परिसर में 14 तेल टैंक भारत को 50 साल के लिए फिर से पट्टे पर देने को राजी हो गया है। श्रीलंका के ऊर्जा मंत्री उदय गेम्मनपिला ने शुक्रवार को कहा कि इस तेल टैंक फार्म में स्थित 99 टैंक में से 14 तेल टैंक भारत को पट्टे पर देने के लिए नए करार पर हस्ताक्षर करने को तैयार है। इस पट्टे की अवधि 50 साल रखने पर सहमति बनी है।
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उन्होंने कहा कि इस करार पर श्रीलंकाई मंत्रिमंडल की अनुमति मिलने के बाद अगले हफ्ते हस्ताक्षर किए जाएंगे। यह करार वर्ष 2002 में हुए पुराने करार का ही विस्तार होगा जो भारत की सार्वजनिक तेल कंपनी इंडियन ऑयल के स्थानीय ऑपरेटर एलआईओसी ने श्रीलंका सरकार के साथ किया था।
भारत ने श्रीलंका के इस रणनीति तेल भंडारण परिसर में पट्टे पर तेल टैंक लेने का करार किया था। यह परिसर द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान विमानों को तेल आपूर्ति के अड्डे के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था। गेम्मनपिला ने कहा कि इस करार के तहत एलआईओसी को परिसर में स्थित 99 में से 14 तेल टैंकों का ही नियंत्रण मिलेगा। उन्होंने कहा कि कुल 61 टैंकों का संचालन एलआईओसी और स्थानीय तेल कंपनी सीपीसी का संयुक्त उपक्रम त्रिंको पेट्रोलियम टर्मिनल्स लिमिटेड करेगा।